करने हैं बाबा तुंगनाथ के दर्शन तो खुद कीजिए इंतजाम
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अगर आप तृतीय केदार तुंगनाथ भगवान के दर्शन के लिए जाना चाहते हैं तो अपना इंतजाम खुद करके चलें। चोपता-तुंगनाथ पैदल मार्ग पर बारिश से बचने के लिए शेल्टर, शौचालय और मूत्रालय की कोई व्यवस्था नहीं है। तुंगनाथ जाने वाले तीर्थयात्रियों को पैदल मार्ग पर सुविधाओं का अभाव होने से परेशानी उठानी पड़ रही है।
12,070 फीट की ऊंचाई पर स्थित तुंगनाथ मंदिर पंचकेदारों में सबसे अधिक ऊंचाई पर होने के बाद भी रोड हेड के सबसे अधिक नजदीक है। अधिक ऊंचाई पर होने से यहां आक्सीजन की कमी महसूस होती है।
धाम में अक्सर दोपहर बाद बारिश के साथ तेज हवाएं चलती हैं। बावजूद इसके ट्रैक पर कहीं भी ओट लेने के लिए शेल्टर नहीं है।
प्रशासन नहीं पर स्थानीय लोगों से राहत
हालांकि प्रशासन द्वारा तो नहीं पर स्थानीय लोगों से यात्रियों को कुछ राहत जरूर मिल रही है। स्थानीय लोगों के ढाबों पर थोड़ी देर रुककर तीर्थयात्री अपनी थकान या बारिश में भीगने से बच सकते हैं।
तुंगनाथ यात्रा पर मेरठ से पहुंची आस्था, रश्मि व किरन का कहना है कि पैदल मार्ग पर कोई व्यवस्था नहीं है। सरकार व मंदिर समिति को पैदल मार्ग पर व्यवस्थाएं दुरुस्त करनी चाहिए।
वहीं बदरी-केदार मंदिर समिति के कार्याधिकारी अनिल शर्मा ने बताया कि तीर्थयात्रियों को बेहतर सुविधा मुहैया कराने के लिए समिति हर संभव प्रयास कर रही है, लेकिन सेंचुरी एरिया के कारण दिक्कतें आ रही है।