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उपनल कर्मियों की मांगों पर नहीं बनी सहमति
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 29 Jun 2016 10:28 AM IST
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हरीश रावत
- फोटो : अमरउजाला
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उपनल के माध्यम से आउटसोर्सिंग पर तैनात कर्मचारियों की हड़ताल पर मंगलवार को मंत्रिमंडल में चर्चा तो हुई लेकिन नियमित करने की मांग पर कोई सहमति नहीं बनी।
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सीएम ने हाल में उपनल कर्मियों के बढ़ाए तीन हजार मानदेय से सर्विस टैक्स और अन्य चार्ज में होने वाली कटौती को कम कर अधिकतम बढ़ोत्तरी लाभ कर्मचारियों को देने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए मानदेय के ढांचे में बदलाव किया जाएगा।
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उपनल कर्मचारियों की उन्हें नियमित करने की मांग पर कोई सहमति बनती नहीं दिख रही है। मंत्रिमंडल में पांच वर्ष से अधिक समय से सेवाएं दे रहे उपनल कर्मचारियों को नियमित करने की मांग पर मंथन हुआ। अधिकारियों ने नियमित किये जाने के लिए नियमों में प्रावधान नहीं होने का हवाला दिया।
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16500 कर्मचारियों की सेवाएं बनाए रखने पर सरकार सहमत है। हालांकि जिन कर्मचारियों को बीते एक वर्ष में सेवाओं से बाहर किया है उन्हें तभी वापस लिया जाएगा जब जिस पद के सापेक्ष उन्हें रखा गया है।
उसमें नियमित कर्मचारी की तैनाती नहीं हुई होगी। सरकार मानदेय वृद्धि के मसले पर कर्मचारियों के पक्ष में है। पिछली कैबिनेट में जो तीन हजार रुपये मासिक मानदेय में बढ़े हैं उसमें कम से कम कटौती कर अधिकतम राशि कर्मचारियों को मिलेगी।
Published By : Nirmala Suyal