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जीते या हारे, नए चेहरों के होंगे वारे न्यारे
बिशन सिंह बोरा / अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 08 Mar 2017 01:55 PM IST
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उत्तराखंड में सत्तारूढ़ कांग्रेस की इस विधान सभा चुनाव के बाद सत्ता में दुबारा वापसी होगी या नहीं, यह कहना मुश्किल है, लेकिन इस चुनाव में इतना जरूर हुआ कि पार्टी में कई वरिष्ठ नेताओं की बगावत के बाद दूसरी पांत के नेता नए चेहरों के तौर पर उभरे हैं। इसे वरिष्ठ कांग्रेस नेता वर्ष 2019 लोकसभा चुनाव के लिहाज से बेहतर मान रहे हैं।
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चुनाव के बाद संगठन में होने वाले संभावित बदलाव के दौरान भी पार्टी दूसरी पांत के नेताओं को अहम जिम्मेदारी देकर युवाओं को जोड़ने का दांव खेल सकती है। विधान सभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस में इक्का दुक्का नहीं बल्कि एक दर्जन से अधिक नेता पार्टी से बगावत कर उसे अलविदा कह गए।
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इससे पार्टी में दूसरी पांत एवं युवा नेताओं को आगे आने का मौका मिला। खटीमा से पार्टी ने युवा नेता भूवन चंद कापड़ी को मैदान में उतारा, इसके अलावा पौड़ी से नवल किशोर, ज्वालापुर से शीश पाल सिंह, ऋषिकेश से राजपाल खरोला, नरेंद्र नगर से हिमांशु बिज्लवाण, रुद्रप्रयाग से लक्ष्मी राणा, केदारनाथ से मनोज रावत, यमुनोत्री से संजय डोभाल सहित कई युवा चेहरों को पार्टी से न सिर्फ टिकट मिला बल्कि कांग्रेस कार्यकारिणी में भी कई युवा चेहरे जगह पा सके हैं।
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कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता संजय भट्ट बताते हैं कि कांग्रेस से कई विधायकों और पूर्व मंत्रियों की बगावत के बाद ही वह पार्टी में शामिल हुए। पार्टी सूत्रों की माने तो आने वाले समय में पार्टी की नई पारी युवाओं के हाथ में होगी। इस चुनाव में पहले टिकट के बंटवारे को लेकर और फिर चुनाव में जिस तरह से पार्टी में कलह सामने आई इसकी अब कुछ अन्य नेताओं पर गाज गिर सकती है।
कांग्रेस में ये हैं दिग्गज नेताओं में
कांग्रेस में पहली पांत के नेताओं की बात करें तो मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, विधान सभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, कैबिनेट मंत्री हृदयेश, मंत्री प्रीतम सिंह, मंत्री नव प्रभात, कैबिनेट मंत्री दिनेश अग्रवाल सहित कुछ गिने चुने नेता रह गए हैं।
कांग्रेस में जो लोग मठाधीश बने थे जिन्हें पार्टी ने मान सम्मान दिया, वह लोग अपने स्वार्थों के लिए पार्टी से बगावत कर गए, लेकिन जो कुछ हुआ वह पार्टी के लिए अच्छा हुआ, इससे पार्टी में कर्मठ और समर्पित कार्यकर्ताओं को आगे आने का मौका मिला।
- सरिता नेगी प्रदेश प्रवक्ता एवं राज्यमंत्री