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नए सीएम के आने से बढ़ेगी दून की मुश्किल
अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 01 Feb 2014 12:41 AM IST
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निवर्तमान मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के हाथों से प्रदेश की सत्ता की कमान निकलते ही राजधानी में हलचल तेज हो गई है।
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बदले समीकरण में दून के विकास के लिए तैयार की गई कई योजनाओं पर ग्रहण लगने की आशंका बढ़ गई है।
माना जा रहा है कि नए निजाम के लिए शहर की प्राथमिकताएं बदल सकती हैं। ऐसे में विभिन्न योजनाओं को रुकवाने की कोशिश में जुटे लोग फिर सक्रिय हो गए हैं।
इन योजनाओं पर संकट
एमडीडीए राजधानी में कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर काम कर रहा है। चकराता रोड और इंदिरा मार्केट रि-डेवलपमेंट योजना पर ज्यादा फोकस था। चर्चा थी कि सरकार के इशारे पर ही एमडीडीए तेजी से काम कर रहा था।
हरीश रावत के मुख्यमंत्री बनने के बाद चकराता रोड रि-डेवलपमेंट प्लान पर विराम लग सकता है, क्योंकि उन्होंने पहले भी इस योजना पर पुनर्विचार का आग्रह प्रदेश सरकार से किया था।
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इसी तरह इंदिरा मार्केट रि-डेवलपमेंट पर भी दुकानदार एकमत नहीं हैं। दुकानदारों का आरोप है कि एक कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए इन योजनाओं पर काम किया जा रहा था।
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अब माना जा रहा है कि रावत के सीएम बनने के बाद इन योजनाओं पर ब्रेक लगना तय है।
ईपीआईएल पर हो सकती है सख्ती
शहर में तीन फ्लाईओवर और एक रेलवे अंडर ब्रिज बनाने के लिए ईपीआईएल कंपनी को ठेका दिया गया है। यह ठेका लोक निर्माण विभाग से छीनकर इस कंपनी को दिया गया है।
पिछले 11 माह से कंपनी की चाल बेहद सुस्त है। माना जा रहा है कि नए मुख्यमंत्री इस मसले पर सख्ती दिखा सकते हैं। उम्मीद है कि इसके बाद राजधानी वासियों को राहत मिलेगी।