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सूखे से जूझ रहे हैं नेपाल के इस नेशनल पार्क के वन्यजीव 

Thu, 30 Mar 2017 12:17 PM IST
महेंद्रनगर (नेपाल) से लौटकर अमरनाथ
महेंद्रनगर (नेपाल) से लौटकर अमरनाथ Updated Thu, 30 Mar 2017 12:17 PM IST
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nepal national park animal suffer from drought
Shuklaphanta National Park

कंचनपुर जिले के महेंद्रनगर से चंद किमी की दूरी पर मझगांव स्थित दुनिया के अनोखे शुक्लाफांटा नेशनल पार्क के वन्यजीव इन दिनों से सूखे से जूझ रहे हैं।

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लंबे समय से बारिश न होने से बारहसिंघों के लिए दुनिया में प्रसिद्ध इस पार्क के ग्रास लैंड की हरियाली कम हो रही है। दावा है कि घास का यह मैदान एशिया में सबसे बड़ा है। गर्मी बढ़ने से घास सूख रही है और वन्यजीवों को भोजन के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। सही तरीके से देखभाल न होने से पार्क की रंगत फीकी पर रही है।
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उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी से सटे से 305 वर्ग किमी में फैले इस वन्यजीव आरक्षित क्षेत्र को नेपाल सरकार ने अब नेशनल पार्क का दर्जा दे दिया है। इस जंगल में विश्व में सर्वाधिक बारहसिंघा- हिरण होने का दावा किया जाता है, लेकिन इनमें से कुछ बारहसिंघों को दूसरे पार्क में शिफ्ट कर दिया गया है। इन दिनों यह पार्क मौसम के साथ-साथ नेपाल सरकार की बेरुखी का शिकार है।
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पार्क घूमने आए नेपाल के एक अधिकारी का कहना था कि छह साल पहले ग्रास लैंड यानी शुक्लाफांटा में मचान से सैकड़ों बारहसिंघे झुंड में लहरों की तरह विचरण करते देखे जाते थे। अब उतने एक साथ नहीं मिलते। दूर तक निगाह डालने पर समूचे ग्रास लैंड में बारहसिंघों के दो-तीन झुंड ही दिखे। तराई क्षेत्र में लगातार हो रही तपिश से ग्रास लैंड की घास सूख रही है। इसके चलते वन्यजीव भोजन के लिए जंगल में इधर-उधर भटक रहे हैं। हालांकि ताल-तलैयों में अभी पानी उपलब्ध है।

भूमिहीनों ने पार्क के हिस्सों पर कर रखा है कब्जा

nepal national park animal suffer from drought
रणथम्भोर नेशनल पार्क - फोटो : demo pic

अतिक्रमण से यह पार्क भी अछूता नहीं है। कई जगह भूमिहीनों ने पार्क के हिस्सों पर कब्जा कर रखा है। हालांकि अब इसकी सुरक्षा नेपाल आर्मी को दे दी गई है। फिर भी आशंका है कि वन्यजीव तस्करों की इस क्षेत्र में घुसपैठ है। हाथियों का अवैध शिकार रोकने के लिए इसी क्षेत्र में निगरानी केंद्र भी बनाया गया है। सूत्र बताते हैं कि पार्क के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरे पिछले कई महीनों से खराब हैं। पिछले साल हुई वन्यजीवों की गणना की रिपोर्ट वन एवं भूसंरक्षण मंत्रालय ने अभी सार्वजनिक नहीं की है। ऐसे में अंदेशा है कि वन्यजीवों की संख्या पहले की तुलना में घटी है। हालांकि पार्क वार्डन वेद कुमार धकाल का दावा है कि इस दौरान बाघों की संख्या बढ़ी है।

अपने वाहन से भी कर सकते हैं सफारी 
नैनीताल से करीब 150 किमी की दूरी पर नेपाल के मझगांव स्थित यह पार्क रामनगर के कार्बेट पार्क से थोड़ा अलग है। शुक्लाफांटा पार्क में खुद अपनी कार, जीप आदि से गाइड लेकर करीब 30 किमी अंदर तक जा और आ सकते हैं। इस दौरान प्राकृतिक सौंदर्य और वन्यजीवों को देखकर रोमांचित हो सकते हैं। वहां कार्बेट की तरह मारामारी नहीं होती। सूर्योदय और सूर्यास्त के समय बारहसिंघे झुंडों में देखे जा सकते हैं। सफर के दौरान फूलों की खुशबू मन को लुभाती है। 

देखी जा सकती है जैव विविधता
स्तनधारी वन्यजीवों की प्रजातियां- 53  
पक्षियों की प्रजातियां- 138
बारहसिंघा हिरण- 2200 (लगभग)
बाघ - 15 
हाथी - 18 
गैंडा - 8

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