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हरिद्वार में शुरू हुआ पीएम मोदी का मिशन, 250 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास

Thu, 07 Jul 2016 09:13 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार Updated Thu, 07 Jul 2016 09:13 PM IST
सार

  • हरिद्वार के ऋषिकुल मैदान में नमामि गंगे परियोजना का शुभारंभ 
  • उत्तराखंड में 250 करोड़ की 43 परियोजनाओं का शिलान्यास
  • समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री और तीन केंद्रीय मंत्री 
  • मुख्यमंत्री ने सहायक नदियों को भी जोड़ने की उठाई मांग 

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namami gange project inaugurated in haridwar.
नमामि गंगे परियोजना का शुभारंभ - फोटो : अमरउजाला

विस्तार

गंगा को साफ रखने के लिए नमामि गंगे परियोजना के तहत 1500 करोड़ से उत्तराखंड में 250 करोड़ की लागत की 43 योजनाओं का शिलान्यास बृहस्पतिवार को हरिद्वार में किया गया। इस परियोजना के तहत उत्तराखंड के उत्तरकाशी, गंगोत्री, यमुनोत्री, श्रीनगर, देवप्रयाग, रुद्रप्रयाग, केदारनाथ, बदरीनाथ में गंगा सफाई के लिए काम होगा।

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इस मौके पर केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा सफाई मंत्री उमा भारती ने दावा कि अक्तूबर 2016 से गंगा सफाई का असर दिखाई देगा। वर्ष 2018 तक गंगा पूरी तरह से साफ हो जाएगी। कार्यक्रम के दौरान नमामि गंगे गान, वेबसाइट, एप भी लॉच किए गए।
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बृहस्पतिवार को हरिद्वार के ऋषिकुल मैदान में योजनाओं के शुभारंभ के अवसर पर मुख्यमंत्री हरीश रावत सहित केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, उमा भारती और महेश शर्मा ने योजना को मूर्त रूप देने की बात कही।
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मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री हरीश रावत ने योजनाओं में पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया, लेकिन योजना को आधी-अधूरी बताते हुए अन्य सहायक नदियों और अन्य प्रोजेक्ट शामिल करने की बात उठाई।

हम गंगा के मायके वाले, निभाएंगी पूरी जिम्मेदारीः रावत

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नमामि गंगे परियोजना - फोटो : अमरउजाला

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने आश्वासन दिया कि गंगा के लिए मायके वालों को जो जिम्मेदारी दी गई है उसे वह बखूबी निभाएंगे। उन्होंने कहा कि हरिद्वार में शिव के लिए वह विशुद्ध गंगाजल देंगे। उन्होंने नमामि गंगे के तहत शामिल किए गए 143 गांवों के अलावा पूरे प्रदेश के गांवों को जोड़ने की बात कही।

उन्होंने कहा कि जब तक योजना में प्रदेश के समस्त गांव और गंगा की सहायक नदियों को नहीं जोड़ा जाएगा, तब तक गंगा की पूरी शुद्धता की बात बेमानी होगी। उन्होंने ऋषिकेश के मुनिकीरेती से हरिद्वार के रानीपुर झाल तक इंटरसेप्टर कैनाल बनाने की बात उठाई। उन्होंने कहा कि गंगा के किनारे बसे शहरों के पानी को डालने के लिए इंटरसेप्टर कैनाल की जरूरत है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि प्रदेश सरकार के पास विजन होना चाहिए। आय के अनेक साधन प्रदेश में होते हैं। उन्होंने महाराष्ट्र में चल रहे बायोगैस, कटे हुए बालों से एमिनो एसिड, गंगा के जल की बिक्री योजना, प्रदूषित पानी से मिथेन निकालकर बिजली बनाने सहित कई ऐसी योजनाएं गिनाई जिससे प्रदेश की आमदनी के साथ रोजगार भी बढ़ाया जा सकता है।

गंगा सफाई के लिए बनेगा एक्ट, गंदी करने वाले जाएंगे जेल

namami gange project inaugurated in haridwar.
namami gange mission - फोटो : अमरउजाला

केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने कहा कि गंगा की निर्मलता और अविरलता के लिए मदन मोहन मालवीय के अभियान के पूरे 100 साल बाद अभियान शुरू हुआ है। उन्होंने कहा कि गंगा के नाम पर कोई भी मतभेद नहीं रखता। उन्होंने कहा कि नमामि गंगे योजना के तहत घाट, पौधरोपण, नाले निर्माण, सफाई, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, औद्योगिक क्षेत्रों से निकलने वाले कचरे आदि का इंतजाम किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि अब तक गंगा सफाई के नाम पर जो 4 हजार करोड़ रुपये खर्च हुए है उन्हें व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो यह कहते है कि पूजा, फूल सामग्री आदि से गंगा मैली होती है वे गलत हैं। गंगा सीवरेज, शहरों के साथ औद्योगिक क्षेत्रों से निकलने वाली गंदगी से गंदी होती है।

उन्होंने गंगा सफाई के लिए एक्ट बनाने की बात कही। कहा कि एक्ट में कड़े नियमों का प्रावधान करते हुए गंदगी करने वालों को जेल भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि सीवर के ट्रीटमेंट पानी को गंगा में नहीं छोड़ा जाएगा, बल्कि सिंचाई सहित अन्य कार्यों के उपयोग में लाया जाएगा।

अक्तूबर तक दिखाई देने लगेंगे परिणाम

namami gange project inaugurated in haridwar.
namami gange launching - फोटो : amar ujala

उन्होंने कहा कि अक्तूबर-2016 तक नमामि गंगे योजना के परिणाम दिखाई देने लगेंगे। वर्ष 2018 तक गंगा निर्मल हो जाएगी। उन्होंने कहा कि पूर्व में विफल हुए प्रोजेक्ट से सीख लेते हुए इस बार केंद्रीय मद आधारित प्लान तैयार किया है। पूरे कार्य की मॉनिटरिंग होगी। पर्यटन मंत्री महेश शर्मा ने कहा कि गंगा में जलपोत और पर्यटन का बड़ा महत्व है।

इस मौके पर जगद्गुरु शंकराचार्य राज राजेश्वराश्रम महाराज, महामंडलेश्वर हरिचेतनानंद, पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद रमेश पोखरियाल निशंक, विधायक मदन कौशिक, कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन, संजय गुप्ता, स्वामी यतीश्वरानंद, प्रेमचंद  अग्रवाल, विजय बड़थ्वाल, आदेश चौहान, चंद्रशेखर, सतपाल ब्रह्मचारी, मेयर मनोज गर्ग, अमन शर्मा, संजय चतुर्वेदी, आशीष गौतम, नमामि गंगे के एमडी रजत भार्गव आदि शामिल हुए।

Published By: Vivek Singh

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