नैनीताल: कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के बिजरानी रेंज में गश्त कर रहे वन कर्मियों पर बाघिन ने किया हमला
- साथी वनकर्मियों ने पांच राउंड फायर कर बाघिन को भगाया
- घायल को निजी अस्पताल में कराया भर्ती, सिर पर 57 टांके लगे
- वनाधिकारियों ने ग्रामीणों से की जंगल में न जाने की अपील
विस्तार
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के बिजरानी रेंज में गश्त कर रहे वन कर्मियों पर बाघिन ने हमला कर दिया, जिसमें एक वनकर्मी बुरी तरह से घायल हो गया। साथी वन कर्मियों ने हवाई फायर कर किसी तरह से वनकर्मी को बाघिन से छुड़ाया। घायल वनकर्मी को रामनगर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वनकर्मी सिर पर 57 टांके लगाए गए हैं।
वन दरोगा नवीन पपनै के नेतृत्व में वनकर्मी और स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स (एसटीपीएफ) के वनकर्मी बिजरानी रेंज के फूलताल चोरपानी बीट के कंपार्टमेंट नंबर आठ में सुबह करीब नौ बजे गश्त कर रहे थे। तभी एक बाघिन ने 52 वर्षीय एसटीपीएफ वन कर्मी गोपाल सिंह अधिकारी पुत्र त्रिलोक सिंह निवासी कानिया गंगोत्री विहार पर हमला कर दिया।
हमला होते देख उसके साथियों ने पांच राउंड फायरिंग की, तब जाकर बाघिन ने वन कर्मी को छोड़ा और चली गई। इसके बाद वनाधिकारियों को घटना की जानकारी दी गई और घायल को तत्काल निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
कैमरा ट्रैप में बाघिन की फोटो हुई कैद
निजी अस्पताल के डॉ. अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि सिर में 57 टांके लगाए गए हैं, अब वह खतरे से बाहर है। उधर, बिजरानी के रेंजर राजकुमार ने बताया कि बाघ ने वनकर्मी के सिर पर हमला किया है। वन कर्मियों को एहतियात बरतते हुए गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं। घटना के समय हिम्मत सिंह, सतेंद्र सिंह, जगदीश सिंह, भुवन चंद्र, रमेश सिंह आदि मौजूद रहे।
वार्डन आरके तिवारी ने बताया कि बाघिन अपने शावकों की सुरक्षा के लिए हमलावर हो रही है। ऐसे में उन्होंने ग्रामीणों से जंगल में नहीं जाने की अपील की है। बताया कि बाघिन की फोटो कैमरा ट्रैप में कैद हुई है। बताया कि बाघिन पहले भी लोगों पर हमला कर चुकी है। उन्होंने बताया कि इसी बाघिन ने आठ जून को वनकर्मी जगदीश प्रसाद पर भी हमला किया था।