उत्तराखंडः औली में शाही शादी से पर्यावरण को हुए नुकसान के मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई 24 को
- हाईकोर्ट ने पूर्व में सरकार से पूछा था कितनी क्षति हुई
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हाईकोर्ट ने चमोली जिले के औली बुग्याल में हुई सबसे बड़ी और शाही शादी के दौरान पर्यावरण को हुए नुकसान के मामले में अगली सुनवाई के लिए 24 फरवरी की तिथि नियत की है। पूर्व में हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान सरकार से पूछा था कि पर्यावरण को कितना नुकसान हुआ है।
वरिष्ठ न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया एवं न्यायमूर्ति एनएस धनिक की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। काशीपुर निवासी अधिवक्ता रक्षित जोशी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि उत्तराखंड के औली बुग्याल में 18 से 22 जून, 2019 में करीब चार सौ करोड़ रुपये से गुप्ता बन्धुओं के बेटों की शादी का आयोजन हुआ।
200 हेलीकॉप्टरों की व्यवस्था की गई थी
शाही शादी में मेहमानों को लाने ले जाने के लिए करीब 200 हेलीकॉप्टरों की व्यवस्था की गई और इन हेलीकॉप्टरों से पर्यावरण को काफी नुकसान हुआ। याचिका में पूर्व में भी कहा गया था कि इस शादी से बुग्यालों और क्षेत्र में रहने वाले जंगली जानवरों को भी खतरा होगा।
याचिकाकर्ता का कहना था कि राज्य सरकार द्वारा नैनीताल हाईकोर्ट की एकलपीठ की ओर से दिए गए पूर्व के उस आदेश की अनदेखी की जा रही है, जिसमें कोर्ट ने बुग्यालों आदि में किसी भी प्रकार की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया था। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 24 फरवरी की तिथि नियत की है।