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Dehradun News: स्वच्छता रैंकिंग में खराब प्रदर्शन के बाद भी नगर पंचायत नहीं ले रहा सबक

Fri, 29 Mar 2024 03:05 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 29 Mar 2024 03:05 AM IST
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Nagar Panchayat is not learning lessons despite poor performance in cleanliness ranking
सेलाकुई। स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 में खराब प्रदर्शन के बाद भी नगर पंचायत सेलाकुई ने सबक नहीं लिया है। इस बार सभी नगर निकायों ने रैंकिंग में सुधार के लिए काम शुरू कर दिए हैं, लेकिन नगर पंचायत अभी भी कूड़े के समय पर उठान और छंटाई में फिसड्डी बना हुआ है। नगर पंचायत के पास अपना ट्रंचिंग ग्राउंड भी नहीं है। नौ वार्डों से कूड़ा उठाने के लिए केवल सात वाहन हैं। सूखे और गीले कूड़े की छंटाई भी शुरू नहीं हुई है। विभिन्न प्रकार के सूखे कूड़े को अलग करने के लिए मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर भी नहीं है।
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स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 में सेलाकुई प्रदेश की 80 नगर पंचायतों में से 70वें स्थान पर रहा था। सर्वेक्षण रिपोर्ट के मुतबिक क्षेत्र में आधे घरों से ही कूड़ा उठान हो रहा है। केवल तीन फीसदी कूड़े की छंटाई हो रही है, जबकि कूड़े का प्रसंस्करण बिल्कुल भी नहीं हो रहा है। इधर, विकासनगर और हरबर्टपुर नगर पालिका ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 के लिए तैयारी शुरू कर दी है। कूड़े के उठान, छंटाई, सूखे कूड़े से विभिन्न प्रकार की सामग्री को अलग करने पर काम चल रहा है, लेकिन नगर पंचायत सेलाकुई अब भी सोई हुई है।
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नगर पंचायत क्षेत्र में घरों से मिश्रित कूड़ा एकत्र कर रही है। इसी कूड़े को सीधा शीशमबाड़ा स्थित कूड़ा निस्तारण संयंत्र भेजा जा रहा है। नगर पंचायत के पास अपना ट्रंचिंग ग्राउंड, खाद पिट, कॉम्पेक्टर आदि नहीं है। स्थानीय स्तर पर कूड़ा निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं है। नगर पंचायत क्षेत्र की कुल आबादी 60 हजार है। कूड़े को उठाने के लिए केवल छह छोटे कूड़ा वाहन और एक ट्रैक्टर-ट्रॉली है। ऐसे में समय पर कूड़ा नहीं उठ पाता है। क्षेत्र में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। पालिका के पास सफाई के लिए केवल 33 कर्मचारी हैं। यही कारण है कि वार्डों में अधिकांश नालियों की सफाई नहीं हो पाती है। दिनभर दुर्गंध उठती रहती है।
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अधिशासी अधिकारी एमएल शाह ने कहा कि सेलाकुई नई नगर पंचायत है। क्षेत्र बड़ा है और संसाधनों का अभाव है। ट्रंचिंग ग्राउंड और एमआरएफ सेंटर बनाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। भूमि का चिह्नीकरण किया जा चुका है।
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