MV Act 2019: नए आदेश से 'कबाड़' बने पुराने वाहन, बेचने के लिए कबाड़ी के पास पहुंच रहे लोग
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कारगी चौक, चंदर नगर और कचहरी के पास स्थित कबाड़ियों की दुकानों पर इन दिनों वाहन स्वामियों की भीड़ दिख रही है। वह निर्धारित अवधि पार कर चुके वाहनों को कबाड़ में बेचने पहुंच रहे हैं। ऐसे ही एक वाहन स्वामी दीपक अग्रवाल ने बताया कि उनकी डीजल कार 10 साल से अधिक पुरानी है।
ऐसे में नए नियमों की सख्ती के चलते इसे कबाड़ में बेचना ज्यादा बेहतर लग रहा है। इसी तरह बाइक मालिक राजेश कुमार ने बताया कि उनकी बाइक वर्ष 2000 की है। जिस हिसाब से जुर्माना और फीस में बढ़ोतरी की गई है, उसे कबाड़ में बेचने का निर्णय लिया है। बता दें कि अधिनियम के अनुसार डीजल वाहन के रजिट्रेशन की अवधि 10 और पेट्रोल वाहन की अवधि 15 साल होती है।
वाहन देने से दोस्त भी डर रहे
सुभाषनगर निवासी अश्विनी कुमार ने अपने दोस्त को वाहन दिया, इस दौरान लेकिन ट्रैफिक नियम उल्लंघन के चलते उनके वाहन का चालान हो गया। जिसके चलते उन्होंने दोबारा किसी दूसरे को वाहन नहीं देने का निर्णय लिया। ऐसा केवल एक मामला नहीं है बल्कि कई लोगों के साथ इस तरह की घटना हुई है।
अब वह अपने मित्रों और रिश्तेदारों को वाहन देने से साफ इंकार कर रहे हैं। अभी तक ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर पुराने मोटर वाहन अधिनियम के तहत ही जुर्माना वसूला जा रहा है, लेकिन संशोधित अधिनियम के लागू होने के बाद जुर्माने की राशि कई गुना बढ़ जाएगी। जिसके चलते वाहन स्वामियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। इसे लेकर भी लोगों के डर है।