फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   MSME policy will be made to provide incentives based on production and employment Uttarakhand News

Uttarakhand: उत्पादन व रोजगार के आधार पर प्रोत्साहन देने की बनेगी नीति, उद्योग विभाग तैयार कर रहा प्रस्ताव

Mon, 07 Jul 2025 06:32 PM IST
रेनू सकलानी भूपेंद्र राणा, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
भूपेंद्र राणा, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Mon, 07 Jul 2025 06:32 PM IST
सार

उद्योग विभाग प्रोत्साहन नीति का प्रस्ताव तैयार कर रहा है। इससे स्थानीय उत्पादों के साथ रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।

विज्ञापन
MSME policy will be made to provide incentives based on production and employment Uttarakhand News
बैठक (फाइल फोटो) - फोटो : सूचना

विस्तार

प्रदेश में स्थापित सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) को उत्पादन व रोजगार के आधार पर विशेष प्रोत्साहन देने की तैयारी चल रही है। इसके लिए उद्योग विभाग की ओर से प्रोत्साहन नीति का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। राज्य की अर्थव्यवस्था में तेजी लाने व रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए सरकार औद्योगिक नीतियों में संशोधन कर प्रोत्साहन बना रही है।

विज्ञापन


अब एमएसएमई उद्योगों को उत्पादन व रोजगार बढ़ाने पर विशेष प्रोत्साहन देने की तैयारी चल रही है। लंबे समय से उद्योग संगठन भी उत्पादन व रोजगार के आधार पर प्रोत्साहन देने की मांग कर रहे थे। उनका मानना है कि विशेष प्रोत्साहन से पहाड़ों पर स्थानीय संसाधनों पर निर्भर उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।
विज्ञापन


कोई उद्योग सालाना उत्पादन बढ़ाने के साथ रोजगार के ज्यादा अवसर सृजित करता है तो उसे उसी आधार पर प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए। राज्य में कृषि व बागवानी आधारित खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की काफी संभावनाएं है। इन उद्योग को प्रोत्साहन मिलने से स्थानीय कृषि उत्पादों को बाजार मिलेगा। साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
Trending Videos

प्रदेश में 89 हजार से अधिक एमएसएमई उद्योग
राज्य गठन से लेकर अब तक प्रदेश में एमएसएमई उद्योगों की संख्या 89 हजार पार हो चुकी है। इन उद्योगों में 17189 करोड़ निवेश और 4.50 लाख लोगों को रोजगार मिला है। एमएसएमई उद्योगों की प्रदेश व देश की जीडीपी में 30 प्रतिशत अधिक योगदान है। कम पूंजी निवेश में छोटे उद्योग की ज्यादा रोजगार देने की क्षमता होती है।

पर्वतीय क्षेत्रों में उद्योग लगाने को चार करोड़ तक सब्सिडी
प्रदेश सरकार ने एमएसएमई नीति 2023 में सब्सिडी बढ़ाई है। पर्वतीय क्षेत्रों में एमएसएमई उद्योग को 50 लाख से लेकर अधिकतम चार करोड़ तक सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा पहाड़ों में निवेश करने पर स्टांप शुल्क में सौ प्रतिशत प्रतिपूर्ति भी दी जा रही है। नीति में सूक्ष्म उद्योगों में पूंजी निवेश के लिए एक करोड़, लघु उद्योगों के लिए 1 से 5 करोड़, मध्यम उद्योगों में 10 से 50 करोड़ निवेश की सीमा निर्धारित की गई।

ये भी पढ़ें...Uttarahand News: राज्य के छह राजनैतिक दलों को चुनाव आयोग का नोटिस, 15 दिन में देना होगा जवाब

लंबे समय में हम सरकार से मांग कर रहे हैं कि स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योगों को उत्पादन व रोजगार के आधार पर इंसेंटिव दिया जाए, इससे भी दुर्गम क्षेत्र में स्थापित उद्योग को ज्यादा प्रोत्साहन मिले। हमें खुशी है कि इस मांग पर उद्योग विभाग विशेष प्रोत्साहन नीति का प्रस्ताव तैयार कर रहा है। केंद्र सरकार की ओर से मोबाइल विनिर्माण उद्योग को उत्पादन के आधार पर प्रोत्साहन दिया जा रहा है। आज भारत मोबाइल मेन्युफैक्चरिंग हब बन रहा है। -पंकज गुप्ता, अध्यक्ष, इंडस्ट्री एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed