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क्यों PM मोदी से मिलना चाहती है 22 साल से बेटे को बेड़ियों में बांधने वाली मां? जानिए...
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 24 Oct 2017 08:37 AM IST
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pankaj rana
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एक मां ने 22 साल से अपने बेटे को बेड़ियों में बांधकर रखा है। अब वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलना चाहती है।
रुद्रप्रयाग के सौंदा गांव में रहने वाले 22 साल के पंकज को उसकी मां सरोज राणा ने चैन से बांधे रखा है। सरोज को डर है कि अगर वह बाहर गया तो बेटे को कोई जानवर खा जाएगा।
पंकज क्वॉड्रिपरीसिस नाम की बीमारी से पीड़ित है, उसके हाथ-पैर नहीं चलते हैं। उसे अफेजिया नाम की बीमारी भी पीड़ित हैं जिस कारण वह ठीक से बोल भी नहीं पाता है। पंकज की सुरक्षा को ध्यान में रखकर सरोज ने उसे बेड़ियों से बांधकर रखा है।
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रुद्रप्रयाग के सौंदा गांव में रहने वाले 22 साल के पंकज को उसकी मां सरोज राणा ने चैन से बांधे रखा है। सरोज को डर है कि अगर वह बाहर गया तो बेटे को कोई जानवर खा जाएगा।
पंकज क्वॉड्रिपरीसिस नाम की बीमारी से पीड़ित है, उसके हाथ-पैर नहीं चलते हैं। उसे अफेजिया नाम की बीमारी भी पीड़ित हैं जिस कारण वह ठीक से बोल भी नहीं पाता है। पंकज की सुरक्षा को ध्यान में रखकर सरोज ने उसे बेड़ियों से बांधकर रखा है।
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आठ साल पहले हो गई सरोज के पति की मौत
मौत
- फोटो : concept photo
सरोज अब पीएम नरेंद्र मोदी को अपना दर्द सुनाकर उनसे मदद मांगना चाहती हैं। सरोज राणा कहती हैं कि उनके पास अपने बेटे का इलाज कराने के लिए पैसे नहीं हैं।
इसलिए अपने बेटे को बचाए रखने के लिए वह उसे बांधकर रखती हैं। आठ साल पहले सरोज के पति की मौत हो गई। अब सरोज मजदूरी कर के घर संभालती हैं।
बताती हैं कि पंकज को हेल्थ सेंटर और मंदिरों तक लेकर गईं लेकिन किसी को नहीं पता था कि उन्हें क्या हुआ है। सरोज को विधवा पेंशन के 8000 रुपये भी पिछले 6 महीने से नहीं मिले हैं। उनका परिवार उनकी मजदूरी और पंकज को मिलने वाली 1000 रुपये की दिव्यांग पेंशन से चलता है।
इसलिए अपने बेटे को बचाए रखने के लिए वह उसे बांधकर रखती हैं। आठ साल पहले सरोज के पति की मौत हो गई। अब सरोज मजदूरी कर के घर संभालती हैं।
बताती हैं कि पंकज को हेल्थ सेंटर और मंदिरों तक लेकर गईं लेकिन किसी को नहीं पता था कि उन्हें क्या हुआ है। सरोज को विधवा पेंशन के 8000 रुपये भी पिछले 6 महीने से नहीं मिले हैं। उनका परिवार उनकी मजदूरी और पंकज को मिलने वाली 1000 रुपये की दिव्यांग पेंशन से चलता है।
पीएम मोदी से लगाना चाहते हैं गुहार
pm modi in kedarnath dham
- फोटो : file photo
सरोज अब पंकज और उनके जैसे बच्चों के हालात पीएम नरेंद्र मोदी को बताना चाहती हैं। सरोज चाहती हैं कि पीएम देखें कि उत्तराखंड में बच्चे स्वास्थ्य व्यवस्था के अभाव में कैसे रहते हैं।
वह कहती हैं कि कम से कम पहाड़ों में स्वास्थ्य लाभ कैंप बनाए जाएं, जिससे लोगों को मैदानों में न जाना पड़े।
मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार पंकज उन बच्चों में से एक हैं जिनका जन्म घर पर ही पारंपरिक तरीकों से हुआ था। इनमें से कई बच्चों को ऐसी तकलीफें होती हैं। रुद्रप्रयाग जिले की सीएमओ सरोज नैथानी सरोज के परिवार को हर महीने 2000 रुपये की सहायता देती हैं। वह कहती हैं कि पंकज जैसे बच्चों को उनके हालात पर छोड़ा नहीं जा सकता।
वह कहती हैं कि कम से कम पहाड़ों में स्वास्थ्य लाभ कैंप बनाए जाएं, जिससे लोगों को मैदानों में न जाना पड़े।
मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार पंकज उन बच्चों में से एक हैं जिनका जन्म घर पर ही पारंपरिक तरीकों से हुआ था। इनमें से कई बच्चों को ऐसी तकलीफें होती हैं। रुद्रप्रयाग जिले की सीएमओ सरोज नैथानी सरोज के परिवार को हर महीने 2000 रुपये की सहायता देती हैं। वह कहती हैं कि पंकज जैसे बच्चों को उनके हालात पर छोड़ा नहीं जा सकता।