तेंदुए के जबड़े से बेटी को छीन लाई मां
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बच्चे को खतरे या मुसीबत में देख एक मां कुछ भी कर गुजरती है। बच्चे को बचाने के लिए जीवन को भी दांव में लगाना पड़ जाए तो वह पीछे नहीं हटती। पिथौरागढ़ के बिरखोली गांव की ऐसी ही एक मां खतरनाक तेंदुए से भिड़ गई और अपनी बच्ची को उसके मुंह से छिन लाई।
बिरगोली निवासी हरीश खाती की बेटी कंचन (7) शनिवार शाम साढ़े पांच बजे आंगन में खेल रही थी। तभी तेंदुए ने झपट्टा मारकर कंचन को झाड़ियों में फेंक दिया। उसके पीछे तेंदुआ भी झाड़ी में कूद गया।
कंचन के रोने की आवाज सुनकर मां कमला देवी ने झाड़ियों की तरफ दौड़ी। वहां पहुंचकर उसने देखा कि तेंदुआ बच्ची के पास बैठा गुर्रा रहा था। बेटी के पास खतरनाख तेंदुए को बैठा देख कमला ने अपने ऊपर डर को हावी नहीं होने दिया।
बेटी को बचाने के लिए तेंदुए पर किया हमला
बेटी को खतरे में देख कमला ने तेंदुए पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए और तब तक पत्थर बरसाते रही जब तक कि तेंदुआ बच्ची को छोड़कर भाग खड़ा नहीं हुआ।
तेंदुए के हटते ही परिजनों ने तुरंत कंचन को उठाया। इसके बाद परिजन घायल बच्ची को रात में ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गंगोलीहाट लेकर आए जहां डॉक्टरों ने उसका इलाज किया। डॉ. निशांत ने बताया कि बालिका खतरे से बाहर है। उसके पेट पर नाखूनों के जख्म बने हैं।
उधर, गांव के लोगों ने वन विभाग से आदमखोर तेंदुए को मारने के साथ ही प्रभावित बालिका के इलाज के लिए मदद देने की मांग की है। लोग कंचन को मौत के मुंह से बेटी को छीन लाने वाली मां कमला देवी को पुरस्कृत करने की मांग की है।