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अस्पताल ने लौटाया तो ऑटो में दिया बच्ची को जन्म
अमर उजाला, सेलाकुई
Updated Thu, 27 Feb 2014 09:28 AM IST
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प्रसव के लिए दून अस्पताल पहुंची गर्भवती महिला को डॉक्टरों ने संक्रमण फैलने की बात कहकर लौटा दिया।
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जच्चा-बच्चा की जान पर बन आई
इस वजह से जच्चा-बच्चा की जान पर बन आई। परिजनों के पास इतने पैसे नहीं थे कि वह प्रसूता को निजी अस्पताल ले जाते। घर लौटते वक्त महिला ने ऑटो में बच्चे को जन्म दिया।
अब जच्चा-बच्चा स्वस्थ हैं। उधर, दून महिला चिकित्सालय की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. चंद्रा पंत का कहना है कि हमें ऐसे किसी मामले की जानकारी नहीं है। पता करवाते हैं।
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दून अस्पताल के लिए रेफर किया
मंगलवार रात करीब नौ बजे तनुजा (20) पत्नी दीपक कुमार निवासी बंजारा बस्ती को लेबर पेन शुरू हुआ। परिजन उसे 108 एंबुलेंस से प्रेमनगर अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने प्रसूता को दून अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
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महिला के पति का आरोप है कि दून महिला अस्पताल में उसकी पत्नी को भर्ती कर लिया गया, लेकिन कुछ देर बाद पत्नी के जले हाथ से दूसरे बच्चों को संक्रमण फैलने की बात कह कर वहां से जाने के लिए कहा गया।
उन्होंने अपनी गरीबी का हवाला दिया, लेकिन किसी का दिल नहीं पसीजा। मजबूरी में एक आटो करके वह गर्भवती को लेकर लौट गए।
रात करीब 11:30 बजे धूलकोट के जंगल में महिला ने ऑटो में एक बच्ची को जन्म दिया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
जिम्मेदार का जवाब
सख्त निर्देश हैं कि किसी गर्भवती महिला को लौटाया नहीं जाएगा। एनआरएचएम की योजना के तहत गर्भवती, जच्चा-बच्चा को इलाज की सारी सुविधाएं दी जाती हैं। यह लापरवाही है। सीएमएस से जानकारी लेंगे।
- डॉ. एलके गुसाईं, निदेशक दून ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स