मां-बेटी के आगे बेबस दिखी जीआरपी पुलिस
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हरिद्वार के पथरी रेलवे स्टेशन पर दो युवकों के साथ संदिग्धावस्था में मिली युवती एवं उसकी मां ने जीआरपी थाने की पुलिस को कई घंटे तक उलझाए रखा।
मां बेटी कभी खुद को दिल्ली का निवासी बताती रही तो कभी राजस्थान का। जैसे तैसे महिला अस्पताल पहुंची मां बेटी ने मेडिकल कराने से भी दो टूक इंकार कर डाला। देर शाम तक भी जीआरपी की टीम मां-बेटी के साथ महिला अस्पताल में ही डटी थी।
बुधवार को पथरी पुलिस ने अचेतवस्था में एक युवती को रेलवे स्टेशन से बरामद किया था तब वो दो युवकों के साथ में थी। पुलिस ने युवकों को भी हिरासत में ले लिया था और युवती को जिला अस्पताल भेजा था।
मामला जीआरपी के अधिकार क्षेत्र का होने के कारण पथरी पुलिस ने युवकों को जीआरपी को सौंप दिया। होश आने पर युवती को भी पुलिस जीआरपी थाने ले आई। इधर, पीछे-पीछे युवती की मां भी जीआरपी थाने पहुंच गई।
मेडिकल न कराने पर डटी मां-बेटी
सुबह से दोपहर तक जीआरपी मां बेटी का नाम पता नहीं उगलवा पाई। कभी वो खुद को दिल्ली का निवासी बताती तो कभी राजस्थान का बताने लगती। बार बार यही कहती है कि उन्हें कोई कार्रवाई नहीं करनी है। उन्हें छोड़ा जाए।
पुलिस ने जैसे तैसे करके दोनों को मेडिकल कराने को राजी किया। पर, महिला अस्पताल पहुंचकर फिर से मां बेटी ने मेडिकल कराने से इंकार कर डाला। कई घंटे तक पुलिसकर्मी मां बेटी की मान मनौव्वल करते रहे पर वे टस से मस नहीं हुई।
देर शाम तक पुलिसकर्मी महिला अस्पताल में ही मां-बेटी के साथ डटे थे। इधर, सीओ सिटी चंद्रमोहन सिंह ने बताया कि मां नहीं चाहती है कि उसकी बेटी का मेडिकल हो। न ही वे कोई कार्रवाई चाहती है। उच्चाधिकारियों से वार्ता कर अग्रिम निर्णय लिया जाएगा।