देहरादून: उफनाई यमुना नदी के बीच फंसे 30 वन गुर्जर, छह घंटे में रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला
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देहरादून में विकासनगर से आगे ढकरानी में यमुना नदी के बीचोंबीच टापू पर फंसे 30 वन गुर्जरों को पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने 6 घंटे के रेस्क्यू के बाद सुरक्षित बाहर निकाल दिया। टापू में फंसने वालों में 19 छोटे बच्चे, पांच महिलाएं जबकि छह व्यक्ति शामिल थे।
विकासनगर कोतवाली के पास कंट्रोल रूम देहरादून से सूचना मिली कि सोमवार शाम सवा 7 बजे यमुना में कुछ लोग नदी के बीच टापू में फंस हुए हैं। सूचना मिलने के बाद कोतवाली प्रभारी निरीक्षक महेश जोशी व एसएसआई नत्थी लाल उनियाल चौकी प्रभारी राम नरेश शर्मा दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए।
कोतवाल महेश जोशी ने बताया कि ढकरानी की ओर 01 किमी आगे यमुना नदी में पानी बढ़ने और बाढ़ आने के कारण नदी के बीचोंबीच कुछ लोग फंसे हुए थे। बच्चों की चिल्लाने की आवाजें आ रही थी।
उन्होंने जल पुलिस व एसडीआरएफ को राहत बचाव के लिए बुलाया और खुद फोर्स की मदद से उफनती नदी में रस्से डालकर नदी के बीचोंबीच टापू पर फंसे लोगों तक पहुंचने के प्रयास किए। लेकिन पानी का बहाव तेज होने के कारण उन्हें सफलता हाथ नहीं लगी।
एसएसपी व एसपी लेते रहे पल पल का अपडेट
रात करीब 11 बजे एसडीआरएफ टीम भी मौके पर पहुंच गई, जहां उन्होंने दोबारा संयुक्त टीम बनाकर रस्सों, टायर ट्यूब और बोट के माध्यम से नदी के तेज बहाव को पार कर टापू में फंसें सभी लोगों को नदी से सुरक्षित बाहर निकाला।
एसएसपी व एसपी लेते रहे पल पल का अपडेट
मामला गंभीर होने व 30 लोगों के यमुना के बीच फंसना होने के चलते एसएसपी नवेदिता कुकरेती और एसपी ग्रामीण सरिता डोभाल कोतवाल से पल-पल का अपडेट लेते रहे। रेस्क्यू में सफलता पाने के बाद अधिकारियों ने कहीं जाकर राहत की सांस ली। पुलिस टीमों ने छह घंटे तक रेस्क्यू चलाकर कहीं जाकर सभी लोगों को बाहर निकाला।
उत्तरकाशी के पहाड़ी इलाकों से पहुंचे थे ढालीपुर
बताया जा रहा है कि टापू पर फंसे सभी लोग वन गुर्जर समाज के थे, जोकि दो दिन पूर्व ही बड़कोट उत्तरकाशी के पहाड़ी इलाकों से आए थे, ठिकाना न मिलने के कारण वह ढालीपुर में नदी के एक टापू पर रुके हुए थे। पहाड़ी क्षेत्र में दो दिन से हो रही बारिश के कारण यमुना का जलस्तर बढ़ गया और वह टापू पर फंस गए।