20 दिन की देरी के बाद विदा हुआ मानसून
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उत्तराखंड से आखिरकार मानसून की ‘आधिकारिक’ विदाई रविवार को हो गई। राज्य मौसम केंद्र ने इसकी घोषणा कर दी। इस तरह तकरीबन 20 दिन की देरी से प्रदेश से मानसून विदा हो गया।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के आंकड़ों पर भरोसा करें तो विदाई के सप्ताह में यानी एक अक्तूबर से पांच अक्तूबर तक बारिश में 36 प्रतिशत कमी रिकार्ड की गई।
इस समयावधि में प्रदेश में आम तौर पर 18.4 फीसदी बरसात रहती है, लेकिन कुल 11.8 प्रतिशत बादल बरसे। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार प्रदेश में बादल भी दो दिन और रह सकते हैं। 8 अक्तूबर से बादलों की संभावना नहीं। आसमान साफ ही बने रहने का अनुमान है।
दून में छाएंगे आंशिक बादल
दून में आंशिक बादल छाए रहेंगे, हालांकि इनके बरसने की संभावना नहीं है। रविवार को भी आसमान में बादल छाए रहे। राज्य मौसम केंद्र के अनुसार तापमान में भी बहुत ज्यादा बदलाव नहीं होगा। अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
मौसम खुशगवार तो बदरीनाथ पहुंचे तीर्थयात्री
बदरीनाथ धाम में इन दिनों मौसम सुहावना बना हुआ है। तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए धाम में व्यापारियों के चेहरे भी खिल उठे हैं। रविवार को 675 तीर्थयात्री बदरीनाथ धाम में मत्था टेकने पहुंचे।
तीर्थयात्री धाम के दर्शन के बाद देश के अंतिम गांव माणा, भीम पुल, व्यास गुफा, शेषनाग, सतोपंथ पथ और देश की अंतिम चाय की दुकान तक पहुंच रहे हैं।
दिल्ली से परिवार के साथ धाम पहुंचे रघुवंश मित्तल का कहना है कि बदरीनाथ धाम तक पहुंच मार्ग के सही हालत में होने और बारिश थमने की सूचना मिलते ही धाम आने का कार्यक्रम बनाया। बदरीनाथ निवासी विकास जुगरान का कहना है कि धाम में एक बार फिर रौनक लौट आई है।
कई तीर्थयात्री चार-चार दिनों का पैकेज लेकर धाम पहुंच रहे हैं। बदरीनाथ के धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल का कहना है कि बदरीनाथ के कपाट 27 नवंबर को बंद होंगे। इस बार तीर्थयात्रियों को अधिक समय तक भगवान बदरीनाथ के दर्शन का मौका मिल जाएगा।