उत्तराखंड: रामगंगा में मलबा आने से रुका नदी का प्रवाह तो बन गई झील, चार जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट
- भारी बारिश से आए मलबे से नया बस्ती के पास थल - मुनस्यारी सड़क बंद, लोग परेशान
- सात घंटे बंद रहा टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग, सूखीढांग-डांडा-मीनार सड़क भी बंद
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उत्तराखंड में हरड़िया नाले का मलबा रामगंगा नदी में आने से नदी का प्रवाह रुक गया और झील बन गई। उधर, बारिश के कारण नया बस्ती के पास थल-मुनस्यारी के अलावा जिले की तीन आंतरिक सड़कें बंद होने से स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
भारी बारिश के कारण नदियां उफान में चल रही हैं, जिस कारण नदी किनारे रह रहे लोग परेशान हैं। उधर, टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) में निर्माणाधीन बारहमासी मार्ग शुक्रवार को सात घंटे तक बंद रहा।
वहीं, राज्य मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले 24 घंटों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। नैनीताल, पिथौरागढ़, बागेश्वर और देहरादून में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है जबकि टिहरी, रुद्रप्रयाग, पौड़ी और ऊधमसिंह नगर में बारिश की संभावना है। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह ने बताया कि मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ रहा है और चार जुलाई को अच्छी बारिश की संभावना है, जबकि आठ जुलाई से प्रदेश में झमाझम बारिश होने की संभावना है।
शुक्रवार को भारी बारिश के कारण थल- मुनस्यारी सड़क नया बस्ती के पास भारी मलबा आने से बंद हो गई। सड़क बंद होने के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सड़क खोलने में आ रही दिक्कत
सड़क बंद होने के बाद कई लोग सामान कंधे पर रखकर पैदल घर को पहुंचे। लोनिवि यहां जेसीबी से बृहस्पतिवार रात 10 बजे से सड़क खोलने का प्रयास कर रही है, लेकिन लगातार गिर रहे मलबा गिरने के कारण सड़क खोलने में दिक्कतें हो रही हैं।
भारी बारिश के कारण गिनी बैंड-समकोट, बांसबगड़-धामीगांव, पौड़ी-घटकूना सड़क बंद हो गई है। इससे करीब दो हजार से अधिक की आबादी को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उधर, चंपावत जिले में सुबह पांच बजे से एनएच में टिपनटॉप के पास मलबा आया, जिसे सवा सात बजे हटा लिया गया। वहीं सुबह करीब छह बजे दूसरी जगह चल्थी (कठौल) के पास भारी चट्टान आने से एनएच बंद हो गया।
सड़क के बीचोंबीच आई भारी-भरकम चट्टानों को हटाने के लिए जेसीबी और पोकलैंड लगाए गए। राष्ट्रीय राजमार्ग लोहाघाट खंड के अधिशासी अभियंता एलडी मथेला ने बताया कि घंटों की मशक्कत के बाद चट्टानों को तोड़ कर हटाया जा सका। सड़क बंद होने से लोगों को भारी दुश्वारी झेलनी पड़ी। इस दौरान बड़ी संख्या में वाहन भी फंसे रहे।
बता दें कि इससे पूर्व मलबा आने से टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग में सात अप्रैल से लगातार चार दिन और 16 अप्रैल को एक दिन मार्ग बंद रहा था। इधर ककरालीगेट-ठुलीगाड़ मोटर मार्ग भी सुबह सवा आठ बजे से कुछ देर के लिए बंद रहा। इसके अलावा मलबा आने से सूखीढांग-डांडा-मीनार मोटर मार्ग भी सुबह साढ़े आठ बजे से बंद है।