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मानसून के पहले दिन ही बारिश का कहर, आधा दर्जन घरों पर टूटी आसमानी आफत, लोगों ने भागकर बचाई जान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 29 Jun 2018 12:47 PM IST
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मलबे में घर ढह गए।
- फोटो : अमरउजाला
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इस साल मानसून की पहली बारिश से पिथौरागढ़ के आधा दर्जन घरों पर आसमानी आफत टूट पड़ी। राज्य के कुमांऊ मंडल में बारिश ने गुरुवार को कहर बरपाया। हालांकि शुक्रवार की सुबह राज्य के अधिकतर इलाकों में धूप खिल रही।
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पिथौरागढ़ जिले में बारिश के दौरान भूस्खलन से कैलास मानसरोवर यात्रा का पैदल मार्ग बंद हो गया है। वहीं, बांगापानी तहसील के एक गांव में कई खेत और आधा दर्जन से अधिक घरों में मलबा पट गया।
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नैनीताल जिले में हुई बारिश से रामगंगा का जल स्तर एकाएक बढ़ गया है। नदी का जलस्तर बढ़ने से अस्याली गांव को जोड़ने के लिए बनाया गया अस्थायी कच्चा पुल बह गया। पुल बहने से अस्याली के साथ ही कलान, कस्यारी, बल्याऊं, सिंटोलिया, बलिगाड़, ओखलिया और चिफलवा गांव के लोग गंभीर संकट में फंस गए।
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भूस्खलन से खेत तबाह, कई घरों में मलबा और बारिश का पानी घुसा
वहीं धारचूला में बारिश के दौरान घटखोला के पास पहाड़ी का मलबा आने से कैलास मानसरोवर यात्रा का पैदल मार्ग बंद हो गया।
धारचूला बंगापानी क्षेत्र में समाल गांव में भूस्खलन से खेत तबाह हो गए। कई घरों में मलबा और बारिश का पानी घुस गया। ग्रामीणों ने भागकर अपनी जान बचाई। हालांकि ग्रामीण इसे बादल फटने की घटना मान रहे हैं। राजस्व टीम समाल गांव को रवाना हो गई है।
बागेश्वर में अंधड़ से एक चीड़ का पेड़ बिजली लाइनों पर गिर गया। जिससे पांच घंटे तक बिजली बंद रही। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह ने बताया कि दक्षिण पश्चिम मानसून पूरे राज्य में सक्रिय हो गया है।
कई स्थानों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। 30 जून और एक जुलाई को राज्य के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है।
धारचूला बंगापानी क्षेत्र में समाल गांव में भूस्खलन से खेत तबाह हो गए। कई घरों में मलबा और बारिश का पानी घुस गया। ग्रामीणों ने भागकर अपनी जान बचाई। हालांकि ग्रामीण इसे बादल फटने की घटना मान रहे हैं। राजस्व टीम समाल गांव को रवाना हो गई है।
बागेश्वर में अंधड़ से एक चीड़ का पेड़ बिजली लाइनों पर गिर गया। जिससे पांच घंटे तक बिजली बंद रही। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह ने बताया कि दक्षिण पश्चिम मानसून पूरे राज्य में सक्रिय हो गया है।
कई स्थानों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। 30 जून और एक जुलाई को राज्य के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है।
चट्टान के नीचे दबने से आईटीबीपी के जवान की मौत
बड़कोट के खरादी क्षेत्र में चट्टान के नीचे दबने से आईटीबीपी के एक जवान की मौत हो गई। खरादी क्षेत्र के स्यालना ग्राम निवासी राजेश कुमार (28) पुत्र जतिन लाल आईटीबीपी महिडांडा में तैनात था और आजकल एक माह की छुट्टी पर घर आया हुआ था।
बृहस्पतिवार दोपहर राजेश गांव के एक अन्य व्यक्ति के साथ पास ही टहलने गया था, तभी अचानक चट्टान टूट कर उसके ऊपर आ गिरी।
मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने मलबे में दबे जवान को बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़कोट पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं रात भर हुई बारिश से बड़कोट में यमुनोत्री हाईवे डबरकोट में शुक्रवार की सुबह बंद रहा।
बृहस्पतिवार दोपहर राजेश गांव के एक अन्य व्यक्ति के साथ पास ही टहलने गया था, तभी अचानक चट्टान टूट कर उसके ऊपर आ गिरी।
मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने मलबे में दबे जवान को बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़कोट पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं रात भर हुई बारिश से बड़कोट में यमुनोत्री हाईवे डबरकोट में शुक्रवार की सुबह बंद रहा।
जोशीमठ-मलारी हाईवे छह घंटे तक बंद रहा
highway
चीन सीमा क्षेत्र के गांवों को जोड़ने वाला जोशीमठ-मलारी हाईवे भूस्खलन के कारण सुरांईथोटा में छह घंटे तक बंद रहा।
बृहस्पतिवार को सुबह आठ बजे बारिश के दौरान सुरांईथोटा में चट्टान से भूस्खलन के कारण हाईवे बंद हो गया। स्थानीय लोगों को वाहनों में ही हाईवे खुलने का इंतजार करना पड़ा। सूचना मिलने पर बीआरओ के अधिकारी और मजदूर मौके पर पहुंचे। मशीनों के जरिए हाईवे पर आए बोल्डर और मलबे को हटाया गया और दोपहर दो बजे हाईवे वाहनों की आवाजाही के लिए सुचारु हो पाया।
बीआरओ के कमांडर एसएस मक्कड़ का कहना है कि हाईवे वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है। सुरांईथोटा में चट्टानी भाग से मलबा और पत्थर बारिश होते ही हाईवे पर आ रहा है। प्राथमिकता के आधार में यहां मजदूर और मशीनों की तैनाती की गई है।
बृहस्पतिवार को सुबह आठ बजे बारिश के दौरान सुरांईथोटा में चट्टान से भूस्खलन के कारण हाईवे बंद हो गया। स्थानीय लोगों को वाहनों में ही हाईवे खुलने का इंतजार करना पड़ा। सूचना मिलने पर बीआरओ के अधिकारी और मजदूर मौके पर पहुंचे। मशीनों के जरिए हाईवे पर आए बोल्डर और मलबे को हटाया गया और दोपहर दो बजे हाईवे वाहनों की आवाजाही के लिए सुचारु हो पाया।
बीआरओ के कमांडर एसएस मक्कड़ का कहना है कि हाईवे वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है। सुरांईथोटा में चट्टानी भाग से मलबा और पत्थर बारिश होते ही हाईवे पर आ रहा है। प्राथमिकता के आधार में यहां मजदूर और मशीनों की तैनाती की गई है।