मॉक ड्रील: बिग बाजार मॉल में घुसे चार आतंकवादी, पुलिस ने घेरा
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आईएसबीटी स्थित बिग बाजार मॉल में बृहस्पतिवार रात चार आंतकवादियों के घुसने की सूचना से हड़कंप मच गया। सूचना पाकर पहुंचे आंतकरोधी दस्ते (एटीएस) और शहर भर के पुलिस बल ने मॉल को घेरकर जवाबी कार्रवाई की। साथ ही योजनाबद्ध तरीके से लोगों को मॉल से बाहर निकाला। करीब दो घंटे तक पुलिस ने पूरे क्षेत्र को सीज किए रखा। बाद में पता लगा कि आंतकी जैसी किसी भी घटना से निपटने को पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता को जांचने के लिए यह मॉक ड्रील की गई थी।
बृहस्पतिवार रात करीब सवा ग्यारह बजे आईएसबीटी चौकी में किसी ने सूचना दी कि बिग बाजार मॉल में कुछ हथियारबंद आंतकी घुस गए हैं। जिनके द्वारा वहां उपस्थित लोगों को बंधक बनाते हुए फायरिंग की जा रही है। आनन फानन में कंट्रोल रूम के माध्यम से सूचना फ्लैश कराते हुए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया। जिनके दिशा निर्देश पर तत्काल स्थिति से निपटने के लिए कार्ययोजना बनाते हुए पुलिस अधीक्षक नगर श्वेता चौबे के नेतृत्व में आसपास के थानों से पुलिस बल व एटीएस की टीम को मौके पर भेजा गया।
पुलिस और एटीएस ने आतंकियों पर जवाबी कार्रवाई करते हुए मॉल में बंधक बनाए गए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस दौरान करीब दो घंटे पूरे आईएसबीटी क्षेत्र और उसके आसपास के क्षेत्र को सीज कर दिया गया था। किसी भी वाहन चालक या पैदल यात्री को उधर से नहीं जाने दिया गया। यही नहीं, आतंकियों और उनके अन्य साथियों के शहर में होने या वहां से फरार होने की संभावना को देखते हुए शहर की सीमाओं को भी सीज किया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गणतंत्र दिवस को लेकर पुलिस अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है। इसी को लेकर पुलिस व सुरक्षा एजेंसी की तत्परता परखने को मॉक ड्रील की गई।
एसडीआरएफ ने राज्य में एक साथ कराई मॉक ड्रिल
एसडीआरएफ ने बृहस्पतिवार को पूरे राज्य में एक साथ मॉक ड्रिल कराई। भूकंप, जल दुर्घटना, भूस्खलन और सड़क दुर्घटनाओं की सूचनाओं पर टीमों ने सुरक्षात्मक कार्यों का अभ्यास किया। मॉक ड्रिल में रुद्रपुर, उजेली और जोशीमठ की टीम अव्वल रही। इन टीमाें को नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।
एसडीआरएफ जौलीग्रांट मुख्यालय के कंट्रोल रूम से सेनानायक तृप्ति भट्ट के निर्देशन में राज्य की सभी पोस्टों पर एक साथ मॉकड्रिल की गई। सेनानायक भट्ट ने बताया कि कंट्रोल रूम से टीमों को सड़क दुघर्टना, भूकंप, भूस्खलन और जल दुर्घटना की काल्पनिक सूचनाएं देकर तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू कराया गया।
टीम ने ऋ षिकेश के बाढ़वाला और नैनीताल के खैरना में जल दुघर्टनाओं की मॉकड्रिल की। भूकंप जैसी आपदाओं में इंस्साज मार्किंग के अलावा लाइन सर्च और हेलिंग सर्चिंग विधि का उपयोग किया। अल्मोड़ा में सरियापानी, पिथौरागढ़ में अस्कोट पुलिस लाइन, यूएसनगर में रुद्रपुर, टिहरी, उत्तरकाशी, बागेश्वर के अलावा देहरादून के जौलीग्रांट, चकराता और सहस्त्रधारा में मॉकड्रिल की।
सेनानायक ने बताया कि इसका मकसद कार्यक्षमता को बढ़ाना, कम समय में घटनास्थल पर पहुंचकर रेस्क्यू शुरू कराना, उपकरणों का बेहतर प्रयोग कर तालमेल को बढ़ाना था। उन्हाेंने बताया कि सभी टीमाें का रिस्पांस सराहनीय रहा।
रुद्रपुर की टीम सबसे कम समय में पहुंची
मॉक ड्रिल में बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीमाें की बृहस्पतिवार शाम घोषणा की गई। सेनानायक तृप्ति भट्ट ने बताया कि रुद्रपुर की एसडीआरएफ टीम ने घटनास्थल पर रवाना होने में सबसे कम दो मिनट का समय लिया। इसके अलावा उत्तरकाशी की उजेली और चमोली जिले के जोशीमठ में तैनात टीम का रिस्पांस टाइम ढाई मिनट के करीब रहा