फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Mobile phones will start ringing automatically in disaster Cell broadcast technology Uttarakhand weather

Uttarakhand: आपदा आने पर अपने आप बजने लगेंगे मोबाइल फोन, मदगार सिद्ध होगी सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक

Thu, 23 Mar 2023 03:12 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Thu, 23 Mar 2023 03:12 PM IST
सार

उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) की ओर से आयोजित कार्यशाला में ऊटीमाको कंपनी के सीईओ रोनेन डैनियल ने सेल ब्रॉडकास्ट पर अपना प्रस्तीतुकरण दिया। उन्होंने बताया कि आपदा के समय में यह तकनीक न्यूनतम समय में लोगों को अलर्ट कर देती है।

विज्ञापन
Mobile phones will start ringing automatically in disaster Cell broadcast technology Uttarakhand weather
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : istock

विस्तार

संभावित आपदाओं से घिरे उत्तराखंड राज्य के लिए सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक कारगर सिद्ध हो सकती है। इसके माध्यम से बादल फटने, बिजली गिरने, हिमस्खलन, भूस्खलन जैसी आपदाओं के बाद होने वाले वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। यह तकनीक आपदा की स्थिति में मोबाइल फोन के जरिए लोगों को अलर्ट कर देती है।

विज्ञापन


ऐसी स्थिति में संभावित आपदा क्षेत्र में जितने भी मोबाइल मौजूद होंगे, वह स्वत: बजने लगेंगे, भले ही उस इलाके का नेटवर्क ठप हो गया हो। उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) की ओर से आयोजित कार्यशाला में ऊटीमाको कंपनी के सीईओ रोनेन डैनियल ने सेल ब्रॉडकास्ट पर अपना प्रस्तीतुकरण दिया। उन्होंने बताया कि आपदा के समय में यह तकनीक न्यूनतम समय में लोगों को अलर्ट कर देती है।
विज्ञापन


मौसम संबंधी पूर्व चेतावनी भी जारी
यह प्रणाली सीएमएएस अलर्ट का प्रसार करने में सक्षम है, जो चेतावनी जारी करने का विश्व में सबसे बेहतर मानक है। सीएमएएस अलर्ट से पहले मोबाइल पर जोर से बीपिंग ध्वनि अलार्म टोन, फोन का लगातार कंपन होता है और पॉप-अप मैसेज आता है, जो तब तक बंद नहीं होता, जब तक कि संबंधित व्यक्ति उसे स्वयं बंद नहीं करता। इसकी क्षमता कुछ ही मिनट के भीतर लाखों लोगों को सचेत करने की है। उन्होंने बताया कि इस तकनीक के माध्यम से मौसम संबंधी पूर्व चेतावनी भी जारी की जाती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

जापान, कनाडा, संयुक्त अरब अमीरात, इजराइल, कोरिया, नीदरलैंड, यूरोपीय संघ जैसे दुनिया के तमाम देश आज इस तकनीक को अपना रहे हैं। भारत में आंध्र प्रदेश राज्य ने इस तकनीक को अपनाया है, जहां सुनामी और साइकलॉन आने का खतरा बना रहता है।

 

सेल ब्रॉडकास्ट की मुख्य विशेषताएं

- रीयल टाइम और स्थान-आधारित अलर्ट

- मोबाइल नंबरों की आवश्यकता नहीं है... एसएमएस के विपरीत कुछ सेकंड में दस लाख लोगाें तक पहुंच सकता है।

- सब्सक्राइबर की निजता संबंधी कोई समस्या नहीं है, क्योंकि सेल ब्रॉडकास्ट को प्रसार के लिए मोबाइल नंबरों की आवश्यकता नहीं है।

- नेटवर्क जाम होने पर भी काम करता है (सांप्रदायिक दंगों के भड़कने आदि के दौरान प्रभावी)

- डेटा की आवश्यकता नहीं है, एक साथ कई भाषाओं में काम करता है।

- सभी आपातकालीन मानकों का पालन करता है।

ये भी पढ़ें...Chardham Yatra 2023: तीन धामों में श्रद्धालुओं की संख्या पर पाबंदी न लगाने पर विचार, सीएम धामी ने दिए संकेत

- अलर्ट बंद स्क्रीन पर भी दिखाई देते हैं और उन्हें अग्रेषित नहीं किया जा सकता है।

- केवल सरकार एसएमएस के विपरीत सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट भेज सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed