पुलिस ने खुशियों से भर दी परिवार की झोली
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोरखपुर के एक परिवार की हरिद्वार पुलिस ने खुशियां लौटा दी। नौ माह से गायब बेटे को जब पुलिस ने ढूंढकर मां और भाई से मिलाया तो मां की आंखें भर आई। मानसिक संतुलन खो चुके बेटे को देखते ही मां ने कलेजे से लगा लिया।
बुधवार को हरिद्वार कोतवाली पहुंची कौशल्या देवी (निवासी बरमारन, मई कोट, महाराजगंज, गोरखपुर, यूपी) ने बताया कि उसका बेटा संतोष नौ माह से लापता है। कुछ दिन पहले गांव से गंगा स्नान करने पहुंचे गांव के लोगों ने उसे हरिद्वार में घूमते हुए देखा था।
कोतवाली प्रभारी प्रकाश चंद्र मठपाल ने पुलिस टीम गठित की और महिला व उसके छोटे बेटे आशीष तिवारी के साथ रवाना किया। कुछ घंटों में ही पुलिस टीम ने लापता संतोष को बिरला गंगा घाट से ढूंढ निकाला।
मां कराएगी इलाज
कौशल्या देवी ने बताया कि संतोष तीन वर्ष पहले लक्सर के लाठरदेवा गांव में गत्ते की पेटी बनाने की फैक्ट्री में कार्यरत था। लेकिन नौ माह से उसका पता नहीं चल रहा था। महिला के मुताबिक नशे की वजह से उसके पुत्र की यह हालत हुई है। अब वह उसका इलाज कराएगी। पुत्र के मिलने के बाद महिला बार-बार हरिद्वार पुलिस का आभार जताती रही।
परिजनों से बिछुड़ा मिला एक मासूम
जहां नौ माह से लापता संतोष को पुलिस ने परिजनों से मिला दिया वहीं हरिद्वार पुलिस को चार साल का एक मासूम अपने परिजनों से बिछुड़ा मिला है। मासूम अपना और मां के नाम के सिवा कुछ नहीं बता पा रहा है। दिनभर पुलिसकर्मी मासूम को लेकर हरकी पैड़ी, रेलवे स्टेशन एवं बस स्टैंड पर टहलते रहे लेकिन परिजन नहीं मिल पाए। फिलहाल मासूम पुलिस की अभिरक्षा में है।
पुलिस ने जब मासूम से उसका नाम पूछा तो उसने अपना नाम रवि एवं मां का नाम आरती बताया। पिता का नाम मासूम नहीं बता पा रहा है और न ही वह यह बता पा रहा है कि वह कहां से आया और कहां रहता है।
कोतवाली प्रभारी प्रकाश चंद्र मठपाल के निर्देश पर एक पुलिसकर्मी दिनभर मासूम को लेकर सार्वजनिक स्थान पर इसी उम्मीद में घूमता रहा कि कहीं उसके परिजन मिल जाए लेकिन सफलता नहीं मिली। कोतवाली प्रभारी के मुताबिक जिलेभर में बालक के लावारिस अवस्था में मिलने की सूचना फ्लैश कर दी है।