'अशांत' शैला को सीएम रावत ने दिया 'तोहफा'
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केदारघाटी में घटिया निर्माण के खिलाफ आवाज उठाने वाली विधायक शैलारानी रावत को मुख्यमंत्री हरीश रावत ने आपदा से जुड़ी जिम्मेदारियों के साथ खुद से संबद्ध कर राज्य के मंत्री के बराबर की सुविधा मुहैया करा दी है।
सचिव गोपन भास्करानंद ने बताया कि इसके साथ ही सभा सचिवों विजयपाल सिंह सजवाण, उमेश शर्मा (काऊ), विक्रम सिंह नेगी को भी उन्हें दिए गए दायित्वों/विभागों के संबंध में संबंधित मंत्रियों के साथ संबद्ध कर दिया है।
सभा सचिवों को वे सभी सुविधाएं अनुमन्य होंगी जो राज्य के मंत्री को अनुमन्य हैं। अनुमन्य वाहन व आवास राज्य संपत्ति विभाग द्वारा और कार्यालय, स्टाफ एवं अन्य अनुमन्य सुविधाएं सचिवालय प्रशासन विभाग उपलब्ध कराएगा।
कौन किससे अटैच
सभा सचिव विजयपाल सिंह सजवाण नियोजन एवं ऊर्जा के दायित्वों के निर्वहन हेतु मुख्यमंत्री हरीश रावत और नियोजन मंत्री इंदिरा हृदयेश से संबद्ध।
उमेश शर्मा (काऊ) संसदीय कार्य, पेयजल एवं युवा कल्याण के दायित्वों के निर्वहन के लिए संसदीय कार्य मंत्री इंदिरा हृदयेश, पेयजल मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी, युवा कल्याण मंत्री दिनेश धनै से संबद्ध।
विक्रम सिंह नेगी सिंचाई, बाढ़ नियंत्रण एवं लघु सिंचाई के दायित्वों के निर्वहन हेतु सिंचाई मंत्री यशपाल आर्य और लघु सिंचाई मंत्री प्रीतम सिंह से संबद्ध।
शैलारानी रावत आपदा प्रबंधन व पुनर्वास, बाल विकास एवं पीएमजीएसवाई (लोनिवि) के दायित्वों के निर्वहन हेतु मुख्यमंत्री हरीश रावत के साथ संबद्ध।
मैं शांत नहीं बैठने वालीः शैला
मुझे सुख-सुविधा नहीं, धरातल में काम चाहिए। मैं अपने व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए संघर्ष नहीं कर रही हूं, बल्कि अपने क्षेत्र की जनता का हक मांग रही हूं। सरकार मेरे ज्ञापन पर कार्रवाई करे। तभी मैं समझूंगी कि सरकार केदारघाटी के आपदा प्रभावितों और केदारनाथ पुनर्निर्माण के लिए कुछ कर रही है। मैं चुप नहीं बैठने वाली। मैं शालीनता से अपनी बात रखती रहूंगी।
यह कहना है संसदीय सचिव/विधायक केदारनाथ क्षेत्र शैला रानी रावत का। शैला रानी ने आपदा के बाद अपने क्षेत्र में कराए जा रहे कार्यों पर नाखुशी जताई है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने फोन कर उनसे ज्ञापन मंगवाया है। समस्याओं के लिए अलावा अन्य किसी मुद्दे पर बात नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि वह पिछले दो माह से सरकार के सामने समस्या रखती आ रही है। अब केदारनाथ धाम में काम के लिए सिर्फ दो माह बचे हुए हैं। वह सिर्फ काम चाहती हैं।
सीएम ने भी दिया जवाब
मैं शैला के बयान को आलोचना के रूप में नहीं ले रहा हूं। उनके क्षेत्र में त्रासदी आई थी। एक हजार स्थानीय लोगों की जान गई है ऐसे में उनकी स्थिति को समझा जा सकता है। वहां की भौगोलिक स्थिति, वर्क कल्चर को देखते हुए काम लिया जा रहा है। कोई खामी पाई जाती है तो दोषी को दंडित किया जाएगा।
-हरीश रावत, मुख्यमंत्री
बयान गैर जिम्मेदाराना: धीरेंद्र प्रताप
प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति के सचिव व दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री धीरेंद्र प्रताप ने शैलारानी के बयान (मुख्यमंत्री पर केदारनाथ की उपेक्षा के आरोप संबंधी) को गैर जिम्मेदाराना बताया है। कहा कि शैला को अपने विधानसभा क्षेत्र में सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए मुख्यमंत्री पर निशाना साधने की कांग्रेस इजाजत नहीं देगी।