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मेडिकल कॉलेज के नर्सिंग हॉस्टल में रोड़ा बने मंत्रीजी

Mon, 29 Aug 2016 09:45 AM IST
संदीप थपलियाल/ अमर उजाला, श्रीनगर
संदीप थपलियाल/ अमर उजाला, श्रीनगर Updated Mon, 29 Aug 2016 09:45 AM IST
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minister become hurdle in nursing medical college hostel
मंत्री प्रसाद नैथानी - फोटो : अमरउजाला

कैबिनेट मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी के एक फोन के कारण राजकीय मेडिकल कालेज को केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाली योजनाओं और आर्थिक अनुदान पर असर पड़ सकता है।

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नैथानी ने टिहरी जिला प्रशासन और कॉलेज के प्राचार्य को फोन कर चौरास पट्टी के मढ़ी कॉलोनी में नर्सिंग हॉस्टल का कार्य रुकवाने के आदेश दिए हैं। हालांकि कॉलेज के प्राचार्य ने इसे सार्वजनिक मामला बताकर हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया। जबकि एसडीएम से लेकर पटवारी तक प्राचार्य और यूपी राजकीय निर्माण निगम के परियोजना प्रबंधक को फोन कर काम रुकवाने को कहते रहे।
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दरअसल वर्ष 2012 में सिंचाई विभाग की मढ़ी कॉलोनी चिकित्सा शिक्षा विभाग को हस्तांतरित कर दी गई थी। वर्तमान में श्रीनगर मेडिकल कॉलेज यहां 100-100 बेड के दो नर्सिंग हॉस्टल का निर्माण करवा रहा है। लगभग 10 करोड़ की लागत से बनने वाले उक्त छात्रावासों के लिए 90 फीसदी धनराशि केंद्र सरकार दे रही है।
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कॉलेज निर्माण निगम को लगभग पांच करोड़ की धनराशि दे चुका है। एक छात्रावास का काम शुरू हो गया है। दूसरे के निर्माण के लिए निगम पुराने बारातघर को तोड़ रहा था तो कुछ लोगों ने ऐतराज जताते हुए कैबिनेट मंत्री नैथानी से शिकायत कर दी।

अब मंत्री जी ने प्राचार्य प्रो. सीएम रावत से फोन पर वार्ता करते हुए काम रुकवाने को कहा। लेकिन प्राचार्य ने यह कहकर हस्तक्षेप करने से मना कर दिया कि यह उनका व्यक्तिगत कार्य नहीं है। इसके बाद नैथानी ने डीएम टिहरी से बात की। डीएम के आदेश पर एसडीएम कीर्तिनगर और पटवारी काम बंद कराने पर तुल गए। 

केंद्र की नजरों में मेडिकल कॉलेज की साख गिरेगी
कैबिनेट मंत्री नैथानी की जिद और जिला प्रशासन का दबाव मेडिकल कॉलेज के कामकाज को पीछे धकेलेगा। बजट खर्च नहीं होगा तो कॉलेज केंद्र सरकार को उपयोगिता प्रमाणपत्र नहीं दे पाएगा, जिससे शेष धनराशि लैप्स होने का खतरा है।


साथ ही कॉलेज में खुलने वाले मल्टी डिसिप्लनेरी रिसर्च यूनिट (एमआरयू) और इंस्टीट्यूट ऑफ एलाइड साइसेंज पर केंद्र से मिलने वाली मदद भी रुक जाएगी। दोनों परियोजनाएं केंद्रीय वित्त पोषित हैं। यदि छात्रावास का समय पर काम नहीं हुआ, तो केंद्रांश रुक जाएगा। 

यह मेरा कोई व्यक्तिगत कार्य नहीं है। यदि समय पर काम नहीं हुआ, तो केंद्र में अच्छी रिपोर्ट नहीं जाएगी। काम रुकने से सार्वजनिक नुकसान होगा।
- प्रो. सीएम रावत, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज श्रीनगर

मढ़ी में भवन ध्वस्त नहीं होंगे। आज तक मेडिकल कॉलेज को भवनों की याद क्यों नहीं आई।
- मंत्री प्रसाद नैथानी, कैबिनेट मंत्री उत्तराखंड

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