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...तो क्या उत्तराखंड के सीएम से नाराज हैं उनके मंत्री

Sun, 16 Feb 2014 11:18 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 16 Feb 2014 11:18 AM IST
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minister angry from harish rawat

उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी की शनिवार को हुई बैठक के खत्म होते-होते कांग्रेस नेताओं की नाराजगी के किस्से भी आम हो गए।

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कैबिनेट मंत्री हरक सिंह शुक्रवार को हुई कैबिनेट में अपने साथी मंत्री से ही उलझ पड़े थे। सो इसकी अनुगूंज शनिवार को भी सुनाई दी। उधर, गढ़वाल सांसद सतपाल महाराज के सम्मेलन में न पहुंचने से सांसद की नाराजगी की चर्चा भी होने लगी।

महाराज की नाराजगी की चर्चा को तो प्रदेश प्रभारी अंबिका सोनी ने खुद ही यह कहकर संभालने की कोशिश की कि महाराज की पत्नि अमृता रावत तो यहां मौजूद हैं हीं।
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हरक को अलबत्ता खुद ही सफाई देने मैदान में उतरना पड़ा पर बातों का घालमेल ऐसा हुआ कि हरक उसमें और उलझ गए। बाद में पूछे जाने पर दोनों ही नेताओं ने किसी तरह की नाराजगी से साफ इनकार किया।
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हरक सिंह ने जताया ऐतराज

minister angry from harish rawat

पहले बात हरक सिंह रावत की। सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार को हुई कैबिनेट में यह प्रस्ताव भी आया था कि राहत कोष को दोनों मंडलों में बराबर बांटा जाए।

इस पर हरक सिंह ने ऐतराज जताया और कहा कि राहत और विकास के कामों को जरूरत के आधार पर बांटा जाना चाहिए। यही बात बढ़ते-बढ़ते विवाद मे बदल गई। हरक सिंह इस मामले को लेकर कैबिनेट मंत्री सुरेंद्र सिंह से उलझ पड़े।

शनिवार को यह मसला फिर उठा। कुछ पत्रकारों ने रावत से इस मसले पर पूछा तो रावत की तल्खी उभर आई। रावत ने कहा कि वे अपने दम पर निर्वाचित हुए हैं।

पोर्टफोलिया बांटना मुख्यमंत्री का अधिकार क्षेत्र

minister angry from harish rawat

हरक सिंह रावत के इस बयान को पोर्टफोलियो न बांटे जाने की नाराजगी से जोड़ कर भी देखा गया। बाद में पूछे जाने पर हरक सिंह ने कहा कि पोर्टफोलिया बांटना मुख्यमंत्री के अधिकार क्षेत्र का विषय है।

इस विषय में नाराजगी जाहिर करने का मतलब ही क्या है। दूसरी ओर महाराज ने भी नाराजगी से इनकार किया। महाराज की नाराजगी की हवा के तैरने के पीछे एक वजह यह भी रही कि मंच से एक बार भी स्पष्ट नहीं किया गया कि महाराज क्यों नहीं आए।

अमृता रावत की उपस्थिति को ही इस बात का प्रमाण मान लिया गया कि महाराज की कोई नाराजगी नही है। वहीं पूछे जाने पर महाराज ने भी नाराजगी से इनकार किया और कहा कि वे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष यशपाल आर्य को पहले ही अवगत करा चुके थे कि बैठक में नहीं आ पाएंगे।

इन्होंने क्या कहा...

minister angry from harish rawat

पोर्टफोलियो बांटने का अधिकार मुख्यमंत्री का है। इसमें नाराजगी जैसी क्या बात हो सकती है। रही बात साथियों से विवाद की तो यह एक ही मसले पर लोगों की राय जुदा-जुदा होती ही है। मैं स्पष्टवादी हूं। बेबाकी से राय सामने रखता हूं। चाहे किसी को भला लगे या बुरा। अब इसे नाराजगी तो नहीं माना जाना चाहिए।
- हरक सिंह, कैबिनेट मंत्री

मैं लोक सभा सत्र की तैयारी में व्यस्त हूं। कुछ विदेश मेहमान भी आए हुए हैं जिनको एनटरटेन करना जरूरी है। इस व्यस्तता को देखते हुए ही मैने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष यशपाल आर्य के सामने न आ पाने की मजबूरी पहले ही जता दी थी।
- सतपाल महाराज, गढ़वाल सांसद

दूरियां मिटाने आश्रम पहुंचे सीएम

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मुख्यमंत्री हरीश रावत शनिवार की रात हरिद्वार स्थित प्रेमनगर आश्रम पहुंचे। गढ़वाल सांसद सतपाल महाराज के आश्रम में सीएम का आना दूरियां कम करने की कोशिश मानी जा रही है।

कांग्रेस से जुड़े लोग यहां तक कहते रहे कि अधिकारियों की मीटिंग तो एक बहाना था, दरअसल हरीश रावत को प्रेमनगर आश्रम आना था। सांसद और केंद्रीय मंत्री के तौर पर हरीश रावत पांच साल से हरिद्वार में हैं। यहां पर अधिकारियों की बैठक लेते रहे हैं।

जनता से सीधा संवाद भी किया लेकिन इसके लिए उन्होंने प्रेमनगर आश्रम का चुनाव कभी नहीं किया था। मुख्यमंत्री बनने के बाद अधिकारियों की मीटिंग और कार्यकर्ताओं से मिलने का कार्यक्रम उन्होंने प्रेमनगर आश्रम में ही रखवाया है।

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