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पहली बार जारी मनरेगा प्रगति रिपोर्ट कार्ड में हुआ बड़ा खुलासा, जानने के लिए पढ़ें...
भूपेंद्र राणा, अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 14 May 2018 10:36 AM IST
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mnrega
उत्तराखंड में मनरेगा योजना को बेहतर ढंग से क्रियान्वित करने में पिथौरागढ़ प्रदेश का अव्वल जिला बना है। जबकि हरिद्वार सबसे फिसड्डी रहा। इसका खुलासा पहली बार जारी मनरेगा प्रगति रिपोर्ट कार्ड में हुआ है। इसमें टिहरी को दूसरा व ऊधमसिंह नगर को तीसरा स्थान मिला। वित्तीय वर्ष 2017-18 में राज्य में केंद्र व राज्य सरकार की ओर से स्वीकृत 786 करोड़ से अधिक बजट खर्च किया गया।
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केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना (मनरेगा) को संचालित करने में पहली बार जिलों की प्रगति का आकलन कर रिपोर्ट कार्ड तैयार किया गया।
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योजना में स्वीकृत बजट को खर्च करने की प्रगति, समय पर मनरेगा श्रमिकों को मजदूरी का भुगतान, जियो टैगिंग, आधार कार्ड लिंकेज समेत 18 बिंदुओं पर जिलों की प्रगति का आकलन किया गया। जिसमें पिथौरागढ़ जिले को सर्वाधिक 70.43 प्रतिशत अंक हासिल रेटिंग में पहला स्थान मिला। वहीं हरिद्वार का प्रदर्शन सभी जिलों में बेहद खराब रहा। हरिद्वार को सबसे कम 35.65 प्रतिशत अंक मिले।
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मनरेगा में 9.82 लाख कामगार सक्रिय
मनरेगा योजना के तहत प्रदेश में 10.66 लाख जॉब कार्ड बने हैं। जिसमें 7.28 लाख जॉब कार्ड की सक्रिय हैं। योजना में रोजगार के लिए काम मांगने वालों में 9.82 लाख कामगार सक्रिय हैं। वित्तीय वर्ष 2017-18 में मनरेगा के तहत 786 करोड़ का बजट प्रदेश में खर्च किया गया। इसमें 508 करोड़ मजदूरी व 31.56 लाख निर्माण सामग्री पर खर्च किए गए।
केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार पहली बार मनरेगा योजना की प्रगति रिपोर्ट कार्ड तैयार किया है। जिसमें कई जिलों की बहुत ही अच्छी प्रगति है। जिन जिलों की प्रगति खराब है, उनमें सुधार लाने के लिए निर्देश दिए गए। हर तीन महीने के बाद जिलों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।
-मनीषा पंवार, प्रमुख सचिव, ग्राम्य विकास विभाग
जिला - रेटिंग नंबर (प्रतिशत में)
पिथौरागढ़ - 70.43
टिहरी - 68.70
ऊधमसिंह नगर - 68.18
उत्तरकाशी - 67.83
पौड़ी - 66.09
चंपावत - 65.22
चमोली - 62.61
रुद्रप्रयाग - 60.00
अल्मोड़ा - 58.26
बागेश्वर - 57.39
देहरादून - 56.52
नैनीताल - 38.26
हरिद्वार - 35.65
केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार पहली बार मनरेगा योजना की प्रगति रिपोर्ट कार्ड तैयार किया है। जिसमें कई जिलों की बहुत ही अच्छी प्रगति है। जिन जिलों की प्रगति खराब है, उनमें सुधार लाने के लिए निर्देश दिए गए। हर तीन महीने के बाद जिलों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।
-मनीषा पंवार, प्रमुख सचिव, ग्राम्य विकास विभाग
जिला - रेटिंग नंबर (प्रतिशत में)
पिथौरागढ़ - 70.43
टिहरी - 68.70
ऊधमसिंह नगर - 68.18
उत्तरकाशी - 67.83
पौड़ी - 66.09
चंपावत - 65.22
चमोली - 62.61
रुद्रप्रयाग - 60.00
अल्मोड़ा - 58.26
बागेश्वर - 57.39
देहरादून - 56.52
नैनीताल - 38.26
हरिद्वार - 35.65