तीन लोगों को मौत के घाट उतारने वाले हाथी पर बढ़ी रार, मेनका गांधी के एनजीओ ने उठाया ये कदम
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तीन लोगों की मौत का कारण बने बिगड़ैल हाथी (टस्कर) को वन विभाग की ओर से प्रशिक्षित करने के मामले में केंद्रीय केंद्रीय मंत्री का एनजीओ और वन विभाग आमने सामने आ गए हैं।
एनजीओ ने डॉ. अदिति शर्मा पर हाथी को काबू करने के लिए नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। क्रॉल में रखने के पहले हाथी पर टोटका कर गृह प्रवेश कराने पर भी प्रश्न चिह्न लगाए।
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी के एनजीओ पीपुल्स फॉर एनीमल्स ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर वन विभाग पर फंड का दुरुपयोग करने सहित कई आरोप लगाए। एनजीओ ने टस्कर के साथ वन विभाग द्वारा किए जा रहे व्यवहार पर कई सवाल उठाए और कहा कि हाथी को क्रॉल में रखने से पहले मीठावाली रेंज में पुजारी ले जाकर हाथी पर टोटके आदि कर गृह प्रवेश कराया गया।
उन्होंने क्रॉल को हाथी के लिए जेल और प्रताड़ित करने का स्थान बताया। साथ ही इसकी निंदा भी की। एनजीओ ने हाथी की वास्तविक स्थिति जानने और उसके पुनर्वास की व्यवस्था के लिए पांच वन्यजीव पशु चिकित्सकों की एक समिति का गठन करने, डा. अदिति शर्मा पर कार्रवाई करने और हाथी को पालतू बनाने के लिए दिए जा रहे प्रशिक्षण को तत्काल बंद करने की मांग की है।
उधर, पीसीसीएफ मोनिष मल्लिक ने बताया कि यह कोई परमाणु हथियार का जखिरा नहीं है, जो किसी को दिखाया नहीं जा सकता। लोगों की सुरक्षा के लिए हाथी को सभी के सामने पकड़ा गया था। हाथी के साथ कोई दुर्व्यवहार नहीं किया गया।
पालतू बनाने के लिए हाथी को क्रॉल में रखकर प्रशिक्षित किया जा रहा है। बाद में वन विभाग द्वारा गश्त के कार्यों में हाथी को उपयोग में लाया जाएगा। यदि किसी को आपत्ति है तो वह स्वयं कैंप में जाकर हाथी को देख सकते हैं। हालांकि उन्होंने पत्र के बारे में किसी भी प्रकार की जानकारी होने से इनकार किया है।