दिल्ली में बैठ उत्तराखंड कांग्रेस नेताओं ने दूर किए गिले
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चार घंटे के मंथन के बाद उत्तराखंड कांग्रेस के नेता आपसी प्रेम का फार्मूला लेकर लौटे हैं। प्रदेश प्रभारी अंबिका सोनी ने स्पष्ट कर दिया है कि हमारी एकजुटता और आपसी समन्वय ही हमें दोबारा प्रदेश की सत्ता में वापसी कराएगी।
वहीं मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी मौके की नजाकत को भांपते हुए बैठक में कहा कि उनसे अगर कोई चूक होती है या कोई कमी रह जाती है तो बातचीत कर उसे ठीक किया जा सकता है। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस चुनावी मोड में आ गई है। कांग्रेस किस तरह चुनाव प्रबंधन करेगी इसकी रूपरेखा तय करने के लिए बुधवार को दिल्ली में संयोजन समिति की बैठक हुई।
शाम छह बजे से रात सवा दस बजे तक चली इस बैठक में उत्तराखंड के वरिष्ठ नेता जब एक साथ मिले तो गिले शिकवे दूर हुए और कुछ बात बनती नजर आई। सीएम ने हाल ही में विधानसभा क्षेत्रों में कराए गए एक सर्वे को दिखाया, जिसमें कांग्रेस बेहतर स्थिति में दिख रही है। बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि उम्मीदवारों के चयन में विशेष सावधानी बरती जाए।
'किशोर उपाध्याय से कोई मतभेद नहीं'
प्रदेश प्रभारी अंबिका सोनी के आवास पर हुई बैठक में सह प्रभारी संजय कपूर, मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रदेशाध्यक्ष और संयोजक किशोर उपाध्याय, वित्त मंत्री इंदिरा हृद्येश, मंत्री प्रीतम सिंह, विधायक हीरा सिंह बिष्ट और सरिता आर्य मौजूद थे।
प्रदेश प्रभारी के साथ हुई सभी नेताओं की बैठक से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने प्रभारी और सहप्रभारी को संगठन और पीडीएफ जैसे विवाद के मुद्दों पर चर्चा की। हालांकि पीडीएफ मंत्रियों के चुनाव में क्या करना है इसका फैसला मुख्यमंत्री हरीश रावत पर ही छोड़ा गया।
बैठक में तय हुआ कि चुनाव के मुद्देनजर लोगों से सीधे जुड़े हुए मुद्दों को ही घोषणा पत्र में शामिल किया जाए। पार्टी इसके लिए अभी से मुद्दों पर काम शुरू कर दे और जिलों से सुझाव मांग ले। इसी प्रकार प्रचार समिति के गठन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाए। सोशल मीडिया के जमाने में प्रचार को किस तरह आक्रामक और असरदार बनाया जाए इसके लिए प्रदेश आईटी सेल को शामिल किया जाए। इसी प्रकार चुनाव कमेटी में कितने और किन नेताओं को शामिल किया जाना है इसका खाका भी तैयार करने का फैसला हुआ।
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि किशोर उपाध्याय से कोई मतभेद नहीं है। वे प्रदेश अध्यक्ष हैं और उन्हें बोलने का अधिकार है। संयोजन समिति राज्य की सबसे बड़ी इकाई है। 2017 विधानसभा चुनाव की तैयारियों और भूमिका को लेकर बैठक में चर्चा हुई।
राहुल से भी मिले नेता
उत्तराखंड को लेकर प्रदेश प्रभारी अंबिका सोनी, सह प्रभारी संजय कपूर, मुख्यमंत्री हरीश रावत और प्रदेशाध्यक्ष किशोर उपाध्याय राहुल गांधी से भी मिले। राहुल गांधी ने इन नेताओं से वर्तमान राजनीतिक हालात पर चर्चा के साथ ही विधानसभा चुनाव के लिए बेहतर तालमेल के साथ कमर कसने को कहा।
गैरसैंण ही बनेगी राजधानी: सीएम
उत्तराखंड चुनाव से पहले एक बार फिर गैरसैंण का मुद्दा गरमाएगा। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बुधवार को दिल्ली में स्पष्ट तौर पर कहा कि वे गैरसैंण को राजधानी बनाने से पीछे नहीं हटेंगे। गैरसैंण के विकास के लिए सरकार ने कई तरह की योजनाएं बनाई हैं। वहां ढांचागत सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं।