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गड़बड़झाला: दूसरे के प्रमाणपत्रों पर ‘गुरू जी’ बनकर की नौकरी, पढ़ें कैसे चल रहा ये पूरा खेल

Thu, 02 Jan 2020 08:29 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 02 Jan 2020 08:29 AM IST
सार

  • एसआईटी ने हरिद्वार जिले के तीन शिक्षकों के प्रमाणपत्र संबंधित विश्वविद्यालय को दोबारा सत्यापित करने को भेजे

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Many Youths Become Teachers on other person education Certificate in uttarakhand
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

उत्तराखंड के शिक्षा विभाग में अमान्य डिग्री से नियुक्ति पाने के मामले में एसआईटी जांच में दूसरों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों पर ‘गुरू जी’ बनने का भंडाफोड़ हुआ है। हरिद्वार जिले के तीन शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की प्राथमिक जांच में इस तरह के संकेत मिले हैं।

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इनमें से दो शिक्षक मूल रूप से उत्तर प्रदेश के निवासी बताए जा रहे हैं। एसआईटी ने संबंधित विश्वविद्यालय को आरोपियों के दस्तावेज दूसरी बार सत्यापित करने को भेजे हैं। ताकि किसी तरह के शक की गुंजाइश न रहे। विवि की रिपोर्ट मिलते ही तीनों आरोपियों के नाम का खुलासा होगा। साथ ही एफआईआर की भी संस्तुति की जाएगी।
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शिक्षा विभाग में अमान्य डिग्री से भर्ती का खुलासा ‘अमर उजाला’ ने ही किया था। इस मुहिम का संज्ञान लेकर शासन ने सीबीसीआईडी के अपर पुलिस अधीक्षक की अगुवाई में एसआईटी गठित की हुई है।
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एसआईटी अब तक करीब 77 शिक्षकाें के वैधानिक कार्रवाई की सिफारिश कर चुकी है। एसआईटी जांच में तीन और शिक्षकाें के प्रमाणपत्रों में बड़ा खेल पकड़ा गया है। सूत्रों के अनुसार हरिद्वार जिले के इन शिक्षकाें ने नियम विरुद्ध नियुक्ति पाई गई है।

पता चला है कि इन शिक्षकाें ने अपनी पहचान छिपाकर दूसरे लोगों की डिग्री पर नौकरी हासिल की है। एसआईटी जल्दबाजी में कोई कार्रवाई नहीं करना चाहती। इसी लिहाज से संबंधित विश्वविद्यालय से प्रमाणपत्रों के सत्यापन को दूसरी बार भेजा गया है। रिपोर्ट पर मोहर लगने के बाद संबंधित शिक्षकाें के खिलाफ एफआईआर की कार्रवाई की जाएगी। 

रुड़की और बहादराबाद के दो शिक्षकाें के खिलाफ मुकदमे की सिफारिश

एसआईटी जांच में बहादराबाद के झिबारेडी स्थित राजकीय प्राइमरी विद्यालय के प्रधानाचार्य अतुल कुमार का स्थायी निवास प्रमाणपत्र फर्जी पाया गया है। एसआईटी ने प्रधानाचार्य के प्रमाणपत्र को लेकर हरिद्वार प्रशासन से रिपोर्ट मांगी थी। अपर जिलाधिकारी प्रशासन की रिपोर्ट में कहा गया कि 12 जनवरी 2001 को जारी प्रमाणपत्र का अभिलेखों में कोई रिकार्ड नहीं मिला है। इस संबंध में प्रधानाचार्य अतुल कुमार भी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इसी आधार पर एसआईटी के प्रभारी एसपी मणिकांत मिश्रा ने विद्यालयी शिक्षा के महानिदेशक को आरोपी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की संस्तुति की है। 

नियम विरुद्ध नियुक्ति पर शिक्षिका पर मुकदमे की संस्तुति
कन्हैया लाल डीएवी इंटर कॉलेज में शिक्षिका संयोगिता के खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की संस्तुति की गई है। आरोप है कि इन्होंने उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश से मूल निवास प्रमाणपत्र बनवाकर दोनों राज्यों में आवेदन किया था। संयोगिता ने इंटर कॉलेज में नौकरी पाई। लेकिन उत्तर प्रदेश से 2010 में जारी निवास प्रमाणपत्र को निरस्त नहीं कराया। 

अमान्य डिग्री से शिक्षा विभाग में नियुक्ति पाने के मामले में दो शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर की संस्तुति की गई है। इसके अलावा कई शिक्षकाें के प्रमाणपत्रों की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। इन पर कार्रवाई चल रही है। साक्ष्याें का संकलन के बाद संबंधित के खिलाफ कार्रवाई को सिफारिश की जाएगी। 
-मणिकांत मिश्रा, पुलिस अधीक्षक, सीबीसीआईडी।

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