...तो मंत्री, शिक्षकों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटेंगे
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शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने काशीपुल में मंडलभर से पहुंचे शिक्षकों को नैतिकता का पाठ पढ़ाया। नवीन मंडी समिति सभागार में शिक्षा मंत्री नैथानी ने सरकारी स्कूलों में शिक्षा के गिरते हुए स्तर पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने सवाल किया कि क्या वजह है कि लोग अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में नहीं भेजना चाहते हैं।
मंत्री ने कहा कि लोगों को सरकार स्कूलों से क्यों मोह भंग हो रहा है। सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या लगातार क्यों घट रही है। गुरुजनों के सम्मान में कमी क्यों आ रही है। प्राइवेट स्कूलों में 5 से 10 हजार तक वेतन मिलता है जबकि सरकारी स्कूलों में 40 हजार से अधिक वेतन मिलता है।
सरस्वती शिशु मंदिरों और अन्य प्राइवेट स्कूलों के अधिकांश बच्चे बोर्ड परीक्षाओं में विशेष स्थान प्राप्त करते हैं तो सरकारी स्कूलों के क्यों नहीं कर सकते। नैथानी ने कहा कि इन सवालों पर शिक्षकों को दिल की गहराई से विचार करना चाहिए।
कहा, ऐसा ही रहा तो सब पीटे जाएंगे
शिक्षा मंत्री ने कहा कि यही स्थिति रहेगी तो एक वक्त ऐसा भी आएगा कि लोग शिक्षा मंत्री और शिक्षकों को दौड़ा दौड़ा कर पीटेंगे।
शिक्षा मंत्री नैथानी ने कहा कि दुर्गम से सुगम आने के बाद अधिकांश शिक्षक पढ़ाने के बजाए दूसरे कामों में लग जाते हैं। कई तो प्रापर्टी डीलिंग के व्यवसाय से जुड़ जाते हैं।
गेस्ट टीचर करेंगे शिक्षकों की कमी दूर
शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने कहा कि अब शिक्षकों की कमी नहीं रहेगी। ब्लॉक स्तर पर गेस्ट टीचर की नियुक्ति मेरिट के आधार पर होगी। इसकी विज्ञप्ति जनवरी में प्रकाशित होगी।
इसमें जिस ब्लाक में शिक्षकों की कमी होगी उन्हें ब्लाक क्षेत्र के ही शिक्षित बेरोजगारों को नियुक्त किया जाएगा। एलटी के लिए बीएड, टीईटी अनिवार्य है। जबकि लेक्चरर के लिए बीएड के साथ एमएससी, एमकॉम, एमए अनिवार्य होगा।