उत्तराखंड में मानसून की दस्तक, बारिश का दौर
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इंतजार के बाद आखिर मानसून उत्तराखंड पर मेहरबान हो गया। राज्य मौसम केंद्र ने मंगलवार को बाकायदा मानसून के आगमन की घोषणा की। देहरादून में बुधवार को भी देर रात से हो रही बारिश का दौर सुबह तक जारी रहा।
इससे पहले मंगलवार को प्रदेश में दिन भर इंद्रदेव की चली।
बादल छाए रहे और कई जगह हल्की तो कई जगहों पर भारी वर्षा हुई है। पिछले साल प्रदेश में मानसून 15 जून को आ गया था। जबकि आमतौर पर मानसून जून के अंतिम सप्ताह में आता है।
राज्य मौसम केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार बुधवार को प्रदेश में हल्की से मध्यम वर्षा का दौर कायम रहेगा। विशेषकर उत्तराखंड के दक्षिणी (कुमाऊं) जनपदों में मानसून अधिक सक्रिय रह सकता है।
मौसम विभाग ने कुमाऊं मंडल में अत्यधिक बारिश की चेतावनी दी है। राजधानी दून में बादल छाए रहेंगे। कहीं-कहीं गरज के संग बौछार पड़ सकती है।
दून में चार डिग्री गिरा पारा
दून में मंगलवार को दिन भर बादल छाए रहे। पानी भी बरसता रहा। दोपहर के वक्त बारिश रुकी तो लोग घरों से निकले। बारिश की वजह से पारा लुढ़क गया। अधिकतम तापमान में तकरीबन चार डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।
यह 28 डिग्री से मामूली अधिक रहा। न्यूनतम तापमान में एक डिग्री की गिरावट रही। आर्द्रता का अधिकतम प्रतिशत 92, जबकि न्यूनतम प्रतिशत 81 दर्ज किया गया।
बुधवार को तापमान में हल्का उछाल आ सकता है। अधिकतम तापमान 30, जबकि न्यूनतम तापमान 23 दर्ज किया जा सकता है।
प्रदेश में कहां कितनी वर्षा
राजधानी ---1.9 मिलीमीटर
पंतनगर ----19.5 मिलीमीटर
मुक्तेश्वर -- 6.2 मिलीमीटर
टिहरी ------2.7 मिलीमीटर
(सुबह 8.30 बजे से शाम 5.30 तक)
आने वाला सप्ताह बारिश, तेज हवाओं के नाम
प्रदेश में आने वाला हफ्ता बारिश, बादल और तेज हवाओं के नाम रह सकता है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।
3 और 4 जुलाई को वर्षा जबकि 5 और 6 जुलाई को तेज हवाओं के साथ बरसात का पूर्वानुमान है। सात को भी बारिश की पूरी संभावना है।
बीते साल आपदा लाया था मानसून
मानसून बीते साल आपदा लेकर आया था। राज्य मौसम केंद्र ने पहले ही भूस्खलन, तेज बारिश की चेतावनी दी थी। अबकी मानसून में राज्य मौसम केंद्र ने कुमाऊं में अत्यधिक बारिश की आशंका जताई है।
आपदा के मद्देनजर संवेदनशील उत्तराखंड में मानसून की बारिश में बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है।
जून माह में 57 फीसदी कम बरसे बादल
बीते साल प्रदेश में मानसून 15 जून को आया था। अबकी यह 15 दिन देरी से पहुंचा है। जून माह में 57 प्रतिशत कम बादल बरसे हैं।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की वेबसाइट के आंकड़ों पर भरोसा करें तो एक जून से 25 जून के मध्य सामान्य रूप से 122.4 मिलीमीटर बारिश होती है, लेकिन इस बार इसका माप 52.7 मिलीमीटर ही रहा है, जो सामान्य से 57 प्रतिशत कम है।
इसी तरह 19 जून से 25 जून तक के सप्ताह की बात करें तो बरसात 59 प्रतिशत कम रही है। सामान्य रूप से इस समयावधि में 51.1 मिलीमीटर बारिश होती है, लेकिन इस बार 21 प्रतिशत ही बरसे हैं।
पिछले एक सप्ताह का तापमान
3 जुलाई-
अधिकतम तापमान 32
न्यूनतम तापमान 23
4 जुलाई-
अधिकतम तापमान 31
न्यूनतम तापमान 22
5 जुलाई-
अधिकतम तापमान 32
न्यूनतम तापमान 23
6 जुलाई-
अधिकतम तापमान 33
न्यूनतम तापमान 23
7 जुलाई-
अधिकतम तापमान 32
न्यूनतम तापमान 23