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उत्तराखंड के विकास में अब मलेशिया करेगा रावत सरकार की मदद, जानिए क्या होगा प्रदेश में बदलाव

Tue, 04 Apr 2017 11:13 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 04 Apr 2017 11:13 PM IST
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Malaysia will now help Rawat government in Uttarakhand's development

उत्तराखंड की आधारभूत संचरना के अलावा शहरी विकास से संबंधित तमाम मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मंगलवार को नई दिल्ली में मलेशिया सरकार के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की।

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इस दौरान मेट्रो और रोडवेज आदि की संभावनाओं को लेकर भी मंथन हुआ। मलेशिया सरकार ने उत्तराखंड में बुनियादी ढांचे के विकास में सहयोग की पेशकश की है। साथ ही मलेशिया की सरकारी परामर्श संस्था परफॉरमेंस मैनेजमेंट एंड डिलीवरी यूनिट की ओर से उत्तराखंड में बुनियादी ढांचे के विकास संबंधी योजनाओं में सहयोग का प्रस्ताव दिया गया है।
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उत्तराखंड सरकार एवं मलेशिया के निजी संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर उत्तराखंड राज्य में आधारभूत संरचना के विकास की बात कही।
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मुख्यमंत्री ने मलेशिया के मंत्री एवं प्रतिनिधिमंडल को देवभूमि के भ्रमण के लिए भी आमंत्रित किया। बैठक में दोनों पक्षों के बीच एक संयुक्त कार्यकारिणी समिति (ज्वाइंट वेंचर कमेटी) के गठन को लेकर सहमति भी बनी।

उत्तराखंड शासन की ओर से इस समिति में मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव एवं अन्य विभागीय अधिकारी नामित किए जाएंगे। मलेशिया सरकार की ओर से सचिव (सामान्य कार्य) जोहरी हाजी अकोब एवं अन्य अधिकारियों को नामित किया गया। कमेटी की पहली बैठक मलेशिया में आयोजित करने पर भी सहमति बनी। 

मुख्य सचिव एस रामास्वामी ने गैरसैंण को नई राजधानी बनाने के साथ ही वहां इंफ्रा डेवलपमेंट को लेकर लंबी चर्चा की। साथ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में उत्तराखंड की उपलब्धियों के संबंध में अवगत कराया। इसके अतिरिक्त मेट्रो-मोनो रेल के अलावा लाइट ट्रांसपोर्ट को लेकर भी मुख्य सचिव ने चर्चा की। मेडिकल टूरिज्म के लिए मेडिकल सिटी बना सकते हैं।

ये होंगे बदलाव

Malaysia will now help Rawat government in Uttarakhand's development
दुनिया के बड़े-बड़े शहरों में काम कर रहे हैं। ईज आफ डूइंग बिजनेस में बेहतर कर रहे हैं। देश में परमांडो एक सोच है, कैसे टारगेट एचीव हो सकता है, कैसे मुश्किलें दूर सकती हैं, महाराष्ट्र और आंध्रा में काम कर रहे हैं। मलेशिया के प्रतिनिधिमंडल द्वारा मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। बैठक में सहकारिता मंत्री धन सिंह रावत के अलावा, अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश, स्थानिक आयुक्त एसडी शर्मा आदि उपस्थित थे।

इंफ्रा प्रोजेक्ट में एक्सपर्ट है सीआईडीबी
मलेशिया की संस्था सीआईडीबी इंफ्रा प्रोजेक्ट में बड़ा नाम है। यह संस्था मलेशिया और मलेशिया के बाहर चलाए जाने वाले इंफ्रा प्रोजेक्ट के लिए मलेशियन सरकार ती नियामक संस्था है। बैठक में आए अधिकारियों ने बताया कि भारत में निवेश समेत तमाम पहलुओं को लेकर मलेशिया से एक भारी-भरकम डेलीगेशन यहां आया है, जिसमें मलेशिया सरकार के दस मंत्री भी शामिल हैं।

यह प्रतिनिधिमंडल पब्लिक सेक्टर के साथ ही प्राइवेट सेक्टर में निवेश की संभावनाएं तलाश रहा है। उन्होंने बताया कि भारत में 1995 से 2005 के बीच बने सभी नेशनल हाइवे को 90 फीसदी मलेशियन कंपनियों ने बनाया है। इसके अलावा राजस्थान में तीन हजार किमी सड़कों का निर्माण भी मलेशियन कंपनियों द्वारा किया गया है। 

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बना वर्किंग ग्रुप
इंफ्रा प्रोजेक्ट के अलावा विभिन्न क्षेत्रों में निवेश और विकास की संभावनाओं को तलाशने के लिए मुख्य सचिव एस रामास्वामी की अध्यक्षता में प्रमुख सचिव उद्योग मनीषा पंवार, वित्त सचिव अमित नेगी और सिडकुल के अधिकारियों का एक वर्किग ग्रुप बनाया गया है।

वर्किंग ग्रुप जल्द ही मलेशिया की राजधानी क्वालांम्बपुर जाकर मलेशियाई कंपनियों की विशेषज्ञता को परखेगा। साथ ही यह देखेगा कि उत्तराखंड के लिहाज से किन क्षेत्रों में इन कंपनियों की आवश्यकता है।
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