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इस दिन मनाएंगे मकर संक्रांति तो होगा शुभ
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 13 Jan 2015 11:48 AM IST
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इस बार मकर संक्रांति मनाने को लेकर लोग असमंजस में हैं। पंचांगों में मतभेद के कारण ऐसा हुआ है।
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इस दिन मकर संक्रांति मनाना उचित
किसी पंचांग में 14 जनवरी तो किसी में 15 जनवरी को पर्व का महत्व बताया गया है। ऐसे में अब लोग ज्योतिषियों को फोन कर पूछ रहे हैं कि पर्व कब मनाया जाए। वहीं, अधिकतर ज्योतिष 14 जनवरी को ही मकर संक्रांति मनाना उचित बता रहे हैं।
खगोल शास्त्र के अनुसार, 14 जनवरी को सूर्य अपनी कक्षाओं में परिवर्तन कर दक्षिणायन से उत्तरायण हो जाएगा। इस दिन शाम 7.15 बजे सूर्यदेव मकर राशि (शनि के घर) में प्रवेश करेंगे। सूर्य का मकर राशि में प्रवेश करना ही सूर्य संक्रांति कहलाता है।
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सूर्य संक्रांति को ही मकर संक्रांति कहते हैं। मकर संक्रांति से दिन बड़े होने लगते हैं। 14 जनवरी को कर्क लग्न, धृति योग, तैतिल करण, माघ कृष्ण पक्ष और नवमी तिथि में संक्रांति प्रविष्ट होगी।
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संक्रांति का पुण्यकाल सोलह घड़ी यानी साढ़े छह घंटे पूर्व से माना जाता है। यानी सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने से पहले ही मध्याह्न 12.50 से पुण्यकाल शुरू हो जाएगा जो कि अगले दिन यानी 15 जनवरी को 11.10 बजे तक रहेगा।
संक्रांति का महत्व हमेशा पूर्व के पुण्यकाल में माना जाता है। यानी सूर्य के मकर राशि में प्रवेश से साढ़े छह घंटे पहले से ही स्नान, दान आदि किया जाना शुभ रहेगा। लोगों को पंचांगों के मतभेदों में उलझने की जरूरत नहीं है।
- आचार्य भरत राम तिवारी, उपाध्यक्ष, उत्तराखंड विद्वत सभा
धर्म सिंधु ग्रंथ के अनुसार यदि अर्धरात्रि से पूर्व सूर्य संक्रमण हो तो उस दिन का उतरार्ध भाग पुण्यकाल होता है। संक्रांति में हमेशा पूर्व का समय ही पूजन, दान आदि के लिए उचित होता है।
- डॉ. आचार्य सुशांत राज, नवग्रह शनि मंदिर, गढ़ी कैंट
संक्रांति पर यह करें
सूर्योपासना, श्री विष्णुसहस्त्रनाम पाठ
तिल, गुड़, अन्न, वस्त्र आदि का दान
गोदान, जूता, काष्ठ आदि का दान भी करना चाहिए
तीर्थ क्षेत्र में स्नान-दान का विशेष महत्व
भगवान विष्णु का पूजन, सूर्य पूजन, तिलों से तर्पण, ब्राह्मण भोज का भी विशेष महत्व
शुरू हो जाता है शुभ समय
उत्तरायण को देवताओं का दिन माना जाता है। इसके साथ ही शुभ कार्य शुरू हो जाते हैं। उत्तरायण काल में नूतन गृह प्रवेश, मुंडन संस्कार, देव प्रतिष्ठा, मंत्र, दीक्षा लेना बेहद शुभ माना जाता है।
पंचांगों में मतभेद
मार्तण्ड और दिवाकर पंचांग के अनुसार मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाएं। वाणीभूषण और सिद्धिदात्री के अनुसार मकर संक्रांति 15 जनवरी को मनाई जाएगी।