{"_id":"614a2f66ad76527f657d57f5","slug":"lt-teachers-recruitment-irregularity-revealed-uttarakhand-govt-tells-court-commission-changed-art-faculty-eligibility-criteria-without-asking-it","type":"story","status":"publish","title_hn":"एलटी भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता उजागर: सरकार से पूछे बिना चयन आयोग ने बदल दी कला वर्ग में भर्ती के लिए योग्यता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एलटी भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता उजागर: सरकार से पूछे बिना चयन आयोग ने बदल दी कला वर्ग में भर्ती के लिए योग्यता
Wed, 22 Sep 2021 12:46 AM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Wed, 22 Sep 2021 12:46 AM IST
सार
एलटी शिक्षकों की भर्ती में कला वर्ग के लिए बीएड की अनिवार्यता खत्म करने को याचियों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। प्रकाश गौड़ और अन्य ने हाईकोर्ट में यचिका दायर कर कहा है कि राज्य सरकार ने 13 अक्तूबर 2020 को एलटी में कला वर्ग के 1431 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था।
विज्ञापन
nainital high court
- फोटो : google
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तराखंड में चल रही एलटी शिक्षकों की कला वर्ग की भर्ती प्रक्रिया में भारी अनियमितता उजागर हुई है। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने भर्ती के लिए विज्ञापन जारी होने के बाद बीएड डिग्री की अनिवार्यता को खत्म कर इस आवश्यक योग्यता को अपनी मर्जी से बदल दिया।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की एकलपीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मंगलवार सुबह प्रकाश गौड़ और अन्य की याचिका पर हुई सुनवाई के दौरान सरकार से दोपहर तक यह बताने के लिए कहा कि क्या उसने योग्यता बदलने का निर्देश दिया था। इस पर सरकार ने कहा कि उसने ऐसा कोई निर्देश नहीं दिया था।
विज्ञापन
सरकार के जवाब से कोर्ट हैरान रह गया कि सरकार के निर्देश के बगैर अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने स्वयं ही निर्धारित योग्यता को कैसे बदल दिया। कोर्ट ने जब आयोग से इस बाबत जवाब मांगा तो आयोग संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। इस पर कोर्ट ने आयोग को लताड़ लगाते हुए बुधवार को यह बताने के लिए कहा है कि उसने खुद ही योग्यता कैसे बदल दी। कोर्ट ने आयोग के जवाब पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जो पूछा जा रहा है वह बताया नहीं जा रहा और जो पूछा नहीं गया उस पर जवाब दिया जा रहा है।
विज्ञापन
कोर्ट ने सरकार से यह भी स्पष्ट करने के लिए कहा कि किसने निर्धारित योग्यता में बदलाव किया और किसने इस पर अंतिम निर्णय लिया। कोर्ट ने यह भी पूछा कि योग्यता बदलने के लिए दोषी पर क्या कार्रवाई की जाएगी। एकलपीठ में भर्ती प्रक्रिया पर 22 सितंबर यानी आज भी सुनवाई होगी।
कला वर्ग में खत्म कर दी गई बीएड की अनिवार्यता
एलटी शिक्षकों की भर्ती में कला वर्ग के लिए बीएड की अनिवार्यता खत्म करने को याचियों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। प्रकाश गौड़ और अन्य ने हाईकोर्ट में यचिका दायर कर कहा है कि राज्य सरकार ने 13 अक्तूबर 2020 को एलटी में कला वर्ग के 1431 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। इसमें बीएड की डिग्री की योग्यता को अनिवार्य किया गया था। याचिका में कहा गया कि 25 फरवरी 2021 को नियमों में बदलाव कर आर्ट्स यानी कला वर्ग में बीएड की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया। याचिका में कहा गया कि बिना बीएड के अभ्यर्थियों को भर्ती में शामिल करना गलत है, इस पर रोक लगाई जाए। याचिका में कहा गया है कि जिस नियमावली के आधार पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है वह उसी आधार पर हो और भर्ती प्रक्रिया के बीच में भर्ती के नियम को बदलना गलत है।