उत्तराखंड: विद्यालयों में शिक्षकों के 4000 पदों पर जल्द शुरू होगी भर्ती, मिलेगा इतना वेतन
प्रदेश के जिस विद्यालय में स्थाई शिक्षक नहीं हैं, प्रधानाचार्य और एसएमसी मिलकर वहां 15 हजार नियत वेतनमान पर स्थानीय योग्य युवाओं को व्यवस्था पर पढ़ाने के लिए रख सकते हैं। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने बताया कि केवल उसी ब्लाक के निवासी और सभी पात्रता पूरी करने वाले युवाओं को ही मौका दिया जाएगा। प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में करीब चार हजार एलटी व प्रवक्ता के पद खाली हैं।
प्रदेश में प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति वर्षवार मेरिट के आधार पर की जाएगी। सरकार ने टीईटी मेरिट के आधार पर नियुक्ति के आदेश को पलटते हुए पूर्ववत व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसको लेकर पिछले कई दिनों से बीएडी-टीईटी प्रशिक्षित शिक्षा निदेशालय में धरना प्रदर्शन भी कर रहे हैं।
विभागीय समीक्षा बैठक में शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने पूर्व की व्यवस्था बहाल करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि सरकार अगली कैबिनेट में इसका प्रस्ताव लेकर आएगी। राज्य में पहले वर्षवार मेरिट के आधार पर नियुक्ति की प्रक्रिया लागू थी।
पिछले वर्ष सरकार ने एक शासनादेश जारी कर इस व्यवस्था में बदलाव कर दिया था, जिसके बाद से ही बीएड टीईटी प्रशिक्षित सरकार के फैसले का विरोध कर रहे थे।
दो तरह के विद्यालय चलेंगे
प्रदेश में अब केवल दो तरह के विद्यालय चलेंगे। कक्षा पहली से पांचवीं तक के प्राथमिक और छठवीं से 12वीं तक के माध्यमिक। छठवीं से आठवीं तक के जूनियर हाईस्कूल और नौवीं-दसवीं वाले हाईस्कूूल को सरकार पूरी तरह बंद करेगी।
इनके शिक्षकों को समायोजित किया जाएगा। वहीं, प्राथमिक शिक्षकों को पदोन्नति के अवसर देने के लिए एलटी पदोन्नति में उनका कोटा बढ़ाकर 40 फीसदी किया जाएगा। अभी 30 फीसदी पदोन्नति और 10 फीसदी परीक्षा के आधार पर प्राथमिक शिक्षकों को पदोन्नत किया जाता है।