डबल मर्डर: प्रेमी जोड़े की हत्या से परिवार में मचा कोहराम, पांच साल पहले ही गांव आया था अन्नू
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गाजियाबाद में हुए गोलीकांड में मृत अन्नू चौहान का मूल गांव नेपाल सीमा से लगे ध्यांण गांव में है। अन्नू चौहान के पिता खुशाल सिंह 1971 में गांव छोड़कर ऋषिकेश में बस गए थे। वर्तमान में वह यमकेश्वर तहसील के मोहनचट्टी में रह रहे थे। जहां उन्होंने मुर्गी फार्म खोला था। अन्नू के पिता खुशाल सिंह ने बताया कि उनके गांव में पानी नहीं था।
इस समस्या के चलते वहां रहने वाले छह परिवारों ने गांव छोड़ दिया था। अब सभी मकान खंडहर हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि अब कुल देवता की पूजा के लिए जब गांव जाते हैं तो मंदिर की धर्मशाला में ठहरते हैं।
पांच साल पहले उनका परिवार ध्यांण गांव आया था। कुमाऊं रेजीमेंट से सेवानिवृत्त खुशाल सिंह ने बताया कि उनकी चार बेटियों की शादी हो चुकी है। छोटा बेटा सुधीर हरिद्वार शांतिकुंज में कंप्यूटर की दुकान चलाता है। खुशाल सिंह ने कहा कि जब तक बेटे के कातिलों को सजा नहीं दिलाएंगे, वह चैन से नहीं बैठेंगे।
बता दें कि सोमवार सुबह गाजियाबाद जिले में प्रेमी-युगल की दिनदहाड़े साईं मंदिर में गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। घटना गाजियाबाद जिले की कोतवाली थाना इलाके में हुई है। साईं उपवन के पास एक मंदिर में सुबह इस घटना को अंजाम दिया गया। जानकारी के अनुसार, प्रेमी युगल साईं उपवन के पास स्थित साईं मंदिर में साढ़े सात बजे दर्शन करने गए थे।
दर्शन कर वापस लौटते समय अज्ञात शख्स ने मंदिर परिसर में ही उन्हें गोलियों से भून दिया। आरोपी घटना स्थल से फरार हो गया। मंदिर में मौजूद पुजारी व अन्य लोगों ने गोलियों की आवाज सुनकर बाहर आकर देखा तो दोनों जमीन पर लहूलुहान हालत में पड़े थे। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।