चुनाव 2019: इन दो जिलों में दस हजार से अधिक लोगों ने खारिज किए थे प्रत्याशी, दबाया था नोटा
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वर्ष 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में नैनीताल ऊधमसिंह नगर संसदीय सीट से विभिन्न राजनीतिक दलों से लेकर निर्दलीय तक 15 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे, इसके बाद भी दो जिलों के 10 हजार से अधिक वोटरों को इनमें से कोई भी प्रत्याशी बतौर सांसद पसंद नहीं आया और उन्होंने नोटा का बटन दबाया। नोटा बटन दबाने वालों में कालाढूंगी और भीमताल के मतदाता जिले में सबसे आगे रहे।
पांच साल पहले हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा से भगत सिंह कोश्यारी, कांग्रेस से केसी सिंह बाबा, बसपा से लईक अहमद, भाकपा माले से कैलाश पांडे समेत अवतार सिंह, आशाराम कश्यप, खष्टी सुयाल, बल्ली सिंह चीमा, राम सिंह, डीएस रावल, शीशपाल आर्य, कैलाश चंद्र, भगवान स्वरूप, भुवन चंद्र जोशी, शकील अहमद सांसद के प्रत्याशी थे।
तब इस सीट पर 16.10 लाख मतदाताओं में से 11.01 लाख लोगों ने वोट डाले, जबकि 2090 वोट डाक मतपत्रों से पड़े। तब भाजपा प्रत्याशी कोश्यारी ने 6.35 लाख वोट प्राप्त कर चुनाव जीता। कांग्रेस प्रत्याशी बाबा को 3.51 लाख और बसपा प्रत्याशी लईक को 59203 वोट पर संतोष करना पड़ा। इस चुनाव में 10305 लोगों ने नोटा का बटन दबाकर सभी प्रत्याशियों को सिरे से खारिज कर दिया। कालाढूंगी और भीमताल में नोटा का बटन सबसे अधिक दबाया गया।
वर्ष 2014 के चुनाव में कहां कितने लोगों ने दबाया नोटा का बटन
विधानसभा क्षेत्र नोटा विकल्प के लिए पड़े मत
कालाढूंगी 1058
भीमताल 1013
नैनीताल 923
लालकुआं 916
खटीमा 799
बाजपुर 721
रुद्रपुर 718
हल्द्वानी 694
नानकमत्ता 684
गदरपुर 648
काशीपुर 569
किच्छा 563
जसपुर 501
सितारगंज 498
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डाक से पड़े नोटा 23
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कुल 10328