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Lockdown Uttarakhand: चंपावत के 13 लोग दिल्ली में और बेरीनाग में फंसा प. बंगाल के सैलानियों का दल

Thu, 26 Mar 2020 11:53 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बनबसा (चंपावत)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बनबसा (चंपावत) Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 26 Mar 2020 11:53 PM IST
सार

  • पर्यटकों के पास पैसे खत्म, खाने पीने के सामान भी नहीं बचा
  • दिल्ली में युवकों को मकानमालिकों ने घर से निकाला
     

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Lockdown in Uttarakhand: many youths stuck in delhi, food and stay problem
- फोटो : डेमो फोटो

विस्तार

दिल्ली में होटलों में काम करने वाले चंपावत में बनबसा के मझगांव देवीपुरा के करीब 13 लोग पिछले चार दिन से दिल्ली में फंसे हैं। इनके सम्मुख खाने पीने की समस्या पैदा हो गई है। किराए पर रहने वाले इन लोगों को मकान मालिक ने मकान खाली करने को कह दिया है।

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इन लोगों में दीपक कुमार, हिमांशु कुमार, हरीश राम, अमर राम, केशव राम, कमल टम्टा, संजय कुमार दिल्ली के महिपालपुर और अर्जुन कुमार, कविता देवी, साक्षी, यश कुमार, पुष्कर कुमार, भुवन कुमार करोलबाग में फंसे हैं। दीपक कुमार ने दूरभाष पर अमर उजाला को बताया कि उनके सम्मुख खाने पीने की समस्या पैदा हो गई है। सभी के मकान मालिक भी उन्हें मकान खाली करने को कह रहे हैं।
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बताया कि लॉकडाउन के तहत होटलों के बंद होने से उनके सामने रहने और खाने की समस्या पैदा हो गई है। उन्होंने उत्तराखंड सरकार से उन्हें घरों तक पहुंचाने की गुहार लगाई है। इधर मझगांव देवीपुरा की पूर्व प्रधान माला देवी, सामाजिक कार्यकर्ता अशोक कुमार, ग्रामीण श्याम लाल, मोहन लाल एवं मीना देवी ने जिला प्रशासन से उक्त लोगों को घरों तक लाने की व्यवस्था करने की मांग उठाई है।

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पश्चिम बंगाल के 27 पर्यटकों का एक दल लॉकडाउन के कारण चौकौड़ी बेरीनाग के सद्भावना रिजॉर्ट में छह दिन से फंसा हुआ है। इन पर्यटकों के पैसे और राशन खत्म हो गया है।दल में अधिकतर लोग 60 वर्ष से अधिक उम्र के हैं, जो अब अपने घर से मीलों दूर होने से अवसाद की स्थिति में हैं।

बेरीनाग क्षेत्र के तहसीलदार व अन्य अधिकारी इन पर्यटकों के संपर्क में हैं। साथ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी इसकी सूचना दी गई है। पश्चिम वर्धमान आसामसोल के ट्रेवल एजेंसी संचालक शांतनु सरकार के नेतृत्व में कोलकाता और अन्य क्षेत्रों के पर्यटक व अन्य स्टाफ 13 मार्च को पश्चिम बंगाल से नैनीताल के लिए चला
था। दल 15 मार्च को नैनीताल पहुंचा। 16 मार्च को यह दल कौसानी होते हुए मुनस्यारी की ओर चला गया। जब तक दल मुनस्यारी से लौटा तब तक उत्तराखंड में लॉकडाउन की घोषणा हो गई।

यह दल 21 मार्च से चौकौड़ी में फंसा है। दल के इंचार्ज शांतनु सरकार ने बताया कि उनका राशन अब खत्म हो गया है। साथ ही एटीएम और बैंक से पैसे न मिलने से उनके सामने खाने पीने का संकट हो गया है। होटल का किराया देने के लिये पैसे कम पड़ रहे हैं। दल में अधिकतर लोग 60 साल से अधिक उम्र के हैं, जो मानसिक रूप से परेशान हो रहे हैं। शांतनु सरकार के अनुसार उन्होंने अपनी परेशानी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बता दी है। उन्होंने उत्तराखंड सरकार से भी मदद की अपील की है।

सीमा सुरक्षा में 106 वन कर्मी तैनात

लॉकडाउन के चलते वन विभाग ने यूपी से लगी सीमा पर 106 वनकर्मी तैनात कर दिए हैं। साथ ही वन्य जीवों और शहर में असहाय पशुओं की भी सुरक्षा वन विभाग करेगा। इस संबंध में प्रमुख वन संरक्षक जयराज ने सभी क्षेत्रीय प्रमुख वन संरक्षक, प्रभागीय वनाधिकारियों को आदेश जारी किए हैं।

वन अधिकारियों का मानना है कि शहर और गांवों में घूम रहे आवारा, लावारिस कुत्ते समूह में छोटे जीवों जैसे गिलहरी और पक्षियों का शिकार कर सकते हैं। साथ ही असहाय गायों को भी उनसे खतरा है। उनकी सुरक्षा और जरूरत पड़ने पर उनके भोजन की व्यवस्था वनकर्मी करेंगे।

चिड़ियाघरों, रेस्क्यू सेंटर या जिन जगहों पर भी वन्य जीवों को रखा गया है, उनके भोजन की व्यवस्था वन विभाग को करनी होगी। वनाग्नि की घटनाओं को भी वन कर्मी रोकेंगे। इसके अलावा वन भूमि पर अतिक्रमण और अवैध खनन करने वालों पर भी नजर रखेंगे। कोरोना वायरस से वन कर्मियों को बचाने के लिए विभाग के सभी बैरियरों, वन विश्राम गृहों को भी सैनिटाइज करने के निर्देश दिए हैं।

जंगल के आंतरिक मार्ग भी सील
लॉक डाउन के दौरान लोग जंगलों में जाकर वन्य जीवों को किसी तरह से नुकसान नहीं पहुंचा सकें, इसके लिए वन विभाग ने जंगल के आंतरिक मार्गों को भी सील किया है। साथ ही ग्रामीणों के भी उन रास्तों पर जाने को प्रतिबंधित किया है।

तराई केंद्रीय के 106 वन कर्मियों को ऊधमसिंह नगर से लगी यूपी की सीमाओं पर तैनात किया गया है। लॉकडाउन के चलते उत्तराखंड से लगी यूपी की सीमाओं को सील किया गया है।
- नीतीश मणि त्रिपाठी, प्रभागीय वनाधिकारी, तराई पूर्वी वन प्रभाग

लॉकडाउन के दौरान पिकनिक मनाने भैसोड़ा पहुंचे दर्जन भर लोग

अल्मोड़ा में कोरोना वायरस से बचाव के लिए लॉकडाउन के दौरान सिर्फ घरों में रहने की हिदायत के बावजूद कई लोग निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं और किसी बहाने से घरों से निकल जा रहे हैं।

अल्मोड़ा में कुछ युवक बृहस्पतिवार को भैसोड़ा फार्म के निकट पिकनिक मनाने पहुंच गए। करीब एक दर्जन की संख्या में पहुंचे यह लोग दिन भर नदी के किनारे समूह में मस्ती करते देखे गए। क्षेत्र के ग्रामीणों ने बताया कि अधिकांश युवक वहां नदी में नहाते रहे और दिन भर तफरी करके शाम को वापस लौटे। कुछ लोगों ने इसकी सूचना पुलिस और मीडिया कर्मियों को भी दी और इस पर रोक लगाने की मांग की। इधर, पुलिस ने कहा है कि आगे निरीक्षण किया जाएगा और घरों से बाहर निकलने वाले लोगों की गिरफ्तारी की जाएगी। 

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