सब चिल्लाते रहे पर गुलदार ने नहीं छोड़ी गर्दन
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उत्तरकाशी में होली के दिन घास लेने जंगल गई हरेती गांव की महिला पर गुलदार ने हमला कर दिया। साथ गई महिलाओं के शोर मचाने पर भी गुलदार ने उसे नहीं छोड़ा।
इसी बीच वहां से गुजर रहे युवक ने महिला को गुलदार के चंगुल से छुड़ाया, लेकिन तब तक वह दम तोड़ चुकी थी।
डुंडा ब्लाक के हरेती गांव निवासी राजमती (34) पत्नी रविंद्र लाल शुक्रवार दोपहर गांव के पास जंगल में घास लेने गई थी। घास काटते वक्त झाड़ियों में घात लगाए गुलदार ने अचानक उस पर हमला बोला और उसकी गर्दन दबोच ली।
महिला का शोर सुनककर आसपास घास काट रही महिलाओं ने शोर मचाकर गुलदार को भगाने की कोशिश की, लेकिन गुलदार ने महिला को नहीं छोड़ा।
जब छोड़ा तब तक हो चुकी थी मौत
इस बीच वहां से गुजर रहे जुणगा गांव के मुकेश ने गुलदार पर पत्थर मारकर महिला को छुड़ाया, लेकिन तब तक वह दम तोड़ चुकी थी। वन क्षेत्राधिकारी प्रेमलाल ने बताया कि पीड़ित परिवार को तत्काल पांच हजार रुपये आर्थिक सहायता दे दी है।
जल्द ही मानकों के अनुसार आर्थिक सहायता दी जाएगी। महिला अपने पीछे दो लड़के और एक लड़की छोड़ गई। जिला पंचायत सदस्य कुलदीप बिष्ट ने हरेती पहुंचकर पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया।
मातम में बदला त्योहार का माहौल
शुक्रवार को हरेती गांव के ग्रामीण भी होली का त्योहार मना रहे थे। बच्चों से लेकर बुजुर्ग एक-दूसरे पर गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दे रहे थे, लेकिन दोपहर में गुलदार के हमले से महिला की सूचना से पूरे गांव में खुशी का माहौल मातम में बदल गया।