गुलदार ने किया बच्ची पर वार, गंभीर घायल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड के पौड़ी के डिप्टी धारा मोहल्ले में गुलदार ने आठ साल की बालिका पर हमला कर उसे घायल कर दिया। बालिका की हालत खतरे से बाहर है।
गुलदार के पंजा गड़ाने से उसकी पीठ पर गहरा घाव बन गया है। वन विभाग का कहना है कि अभी बालिका को गुलदार द्वारा घायल किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है।
रौशनी और शोरगुल से भागा
राठ क्षेत्र के कैलाखुर गांव निवासी हर्षपति पंत की आठ वर्षीय पुत्री नीलम पौड़ी के डिप्टी धारा मोहल्ले में अपनी बुआ सुम्मा देवी के यहां रहती है। सुम्मा देवी ने बताया शनिवार की देर शाम करीब पौने आठ बजे नीलम घर से कुछ दूर स्थित दुकान में टाफी लेने गई थी। घर आते समय 100 मीटर दूर रास्ते में गुलदार ने उस पर हमला कर दिया।
हमला होते ही नीलम चिल्लाने लगी। इसी दौरान च्वींचा गांव निवासी विनोद दोपहिया वाहन से बाजार से आ रहा था। वाहन की लाइट को देखकर और लोगों के शोरगुल की आवाज सुनकर गुलदार नीलम को छोड़कर भाग गया। घटना के तुरंत बाद लोग नीलम को पौड़ी के जिला अस्पताल में ले आए।
पीठ पर पंजों के गहरे जख्म
जिला अस्पताल में सर्जन डॉ. केसी शर्मा ने बताया कि गुलदार के पंजे से नीलम के पीठ में गहरा घाव बन गया है जिसमें टांके लगाने पड़े।
इस संबंध में संपर्क करने पर गढ़वाल वन प्रभाग के डीएफओ राजमणि पांडे ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में है। नीलम को गुलदार ने ही घायल किया है अभी इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।
शहर में भी बढ़ रहा गुलदार का खौफ
शहर में जंगल से लगे कई मोहल्लों में भी अब गुलदार का खौफ बढ़ता जा रहा है। पौड़ी शहर अस्पताल मोहल्ला, डांडा पानी मोहल्ला, क्यूंकालेश्वर मोहल्ला, बुआखाल समेत कई मोहल्ले जंगल से लगे हुए हैं। इन मोहल्लों से लगे जंगलों में कई बार गुलदार दिखाई दे चुका है।
करीब नौ साल पहले कोटद्वार रोड स्थित पेट्रोल पंप मोहल्ले से लगे क्षेत्र में गुलदार ने एक बालक को निवाला भी बनाया था। गढ़वाल वन प्रभाग के डीएफओ राजमणि पांडे कहते हैं कि पौड़ी के आसपास के जंगलों में कई गुलदार हैं। गुलदारों को लोगों द्वारा कई बार देखा जा चुका है, लेकिन इन्हें आदमखोर नहीं कहा जा सकता।