VIDEO: पुलिस ने पत्रकारों को दौड़ाकर पीटा
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लाडली हत्याकांड में विफलता से बौखलाई पुलिस ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री के जाते ही शीशमहल में धरने पर बैठे लोगों और पत्रकारों और स्थानीय लोगों पर बर्बरता से लाठीचार्ज कर दिया। पत्रकारों के बीच बचाव में आए लोगों पर भी जमकर लाठियां बरसाई गईं। पुलिस कर्मियों ने मासूम को भी नहीं छोड़ा।
लाठीचार्ज में 13 मीडिया कर्मियों समेत 18 लोग घायल हो गए। इनमें एक पत्रकार की हालत गंभीर बनी हुई है। उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया है।
लाठीचार्ज के विरोध में पत्रकारों ने पुलिस एवं प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लाठीचार्ज की सूचना पर तमाम संगठनों के लोग शीशमहल पहुंचे और हल्द्वानी बंद का आह्वान कर दिया।
लाडली हत्याकांड ने पूरे प्रदेश की जनता को झकझोर दिया। सीएम पीड़ित परिवार से मिलने आए थे। पीड़ित परिवार से मिलने के बाद सीएम चले गए। इस बीच, कुछ लोगों ने शीशमहल के पास नैनीताल हाईवे पर जाम लगा दिया। उसके बाद धरने की कवरेज करने गए पत्रकारों पर पुलिस टूट पड़ी।
चुन-चनकर पत्रकारों को पीटा
एसएसपी सेंथिल अबुदई के आदेश पर पुलिस ने चुन-चुनकर पत्रकारों पर बर्बरतापूर्वक लाठियां तोड़ीं। कप्तान ने खुद भी लाठियां चलाईं। करीब 10 मिनट के लाठीचार्ज में पुलिस ने पत्रकारों के साथ धरने पर बैठे लोगों को भी निशाना बनाया। पुलिस ने फोटोग्राफर राजेश का कैमरा छीनने की कोशिश की। पांच साल के मासूम कुबेर नागर तक को नहीं छोड़ा। उसके पैर में चोट लगी है।
कई पत्रकार गंभीर घायल, देखें वीडियो
लाठीचार्ज में पत्रकार पंकज वार्ष्णेय, निशांत खनी, नईम अहमद, विनोद प्रसाद, कंचन वर्मा, गणेश जोशी, राजीव शुक्ला, अरविंद उपाध्याय, नवनीत सिंह, राकेश शर्मा, सर्वेश तिवारी, दीपक भंडारी, ईश्वरी लाल शर्मा समेत कुबेर नागर, महेंद्र नागर, शंकर कोरंगा, भुवन भट्ट और विशाल सिंह जख्मी हो गए।
सभी घायलों का बेस अस्पताल में मेडिकल कराया गया। पंकज वार्ष्णेय को कृष्णा अस्पताल में आईसीयू में भर्ती कराया है। लाठीचार्ज की खबर से बाजार में शटर गिरने लगे। सभी राजनीतिक दलों के नेता शीशमहल और बेस अस्पताल पहुंच गए। इसके बाद जमकर नारेबाजी हुई।
पत्रकारों ने किया डीआईजी का घेराव
पत्रकारों ने लाठीचार्ज के विरोध एवं एसएसपी को हटाने की मांग को लेकर डीआईजी जीएस मर्तोलिया का घेराव किया। पत्रकारों ने लाठीचार्ज को लेकर एसएसपी और डीएम से सवाल भी पूछे। डीआईजी ने लाठीचार्ज पर खेद जताया। लेकिन एसएसपी के बेतुका जवाब सुनकर डीआईजी भी दंग रह गए।
एसएसपी का बेतुका जवाब
भविष्य में लोग सबक सीखें, इसीलिए लाठीचार्ज का आदेश दिया गया।
-सेंथिल अबुदेई, एसएसपी नैनीताल।
डीएम ने किया आदेश से इनकार
न तो मैंने और ना ही मेरे किसी मजिस्ट्रेट ने लाठीचार्ज के आदेश दिए।
-दीपक रावत, डीएम।