उत्तराखंड में बारिश का कहरः गाड़-गदेरे उफान पर, पांच घरों में घुसा मलबा
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उत्तराखंड में बारिश कहर बरपा रही है। बुधवार तड़के से हो रही तेज बारिश से राज्य के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हैं। बारिश से कहीं मलबा घरों में घुस गया तो कहीं सड़कें ध्वस्त हो गईं।
राजधानी देहरादून के साथ आसपास के इलाकों में हो रही मूसलाधार बारिश से शहर के कई इलाकों में बाढ़ जैसा माहौल हो गया। यहां के नदी-नालों में अचानक जलस्तर बढ़ने से आसपास के रिहायशी इलाकों के लिए खतरा पैदा हो गया है।
देहरादून के दर्शनलाल चौक, रायपुर, छह नं पुलिया स्थित द इंडियन एकेडमी, सनराइज स्कूल, बंजारावाला सहित कई इलाकों में पानी भर गया है। द इंडियन एकेडमी में छात्रों के फंसे होने की भी सूचना है।
सड़कों पर तेज पानी के बहाव को देखते हुए माजरा की सड़कें बंद कर दी गईं हैं। वहीं रायपुर में जलभराव के कारण सड़कें बंद पड़ी हैं। वहीं विद्याविहार में एक स्कूटी सवार पानी में बहने से बाल-बाल बचे।
वहीं ऋषिकेश में भी तड़के चार बजे से मूसलाधार बारिश जारी है। नदी किनारें वाले इलाकों में हाईअलर्ट जारी किया गया है। गंगा नदी चेतावनी रेखा से आधा मीटर नीचे बह रही है। देहरादून की सड़कें पानी से लबालब हैं। कई घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश ने राजधानी के निचले इलाकों में जलभराव होने की भी खबर है।
सुबह बदरीनाथ धाम हाईवे 58 मूल्यागांव के पास मलबा आने से बंद हुई थी जिसे बाद में खोल दिया गया। श्रीनगर और घनसाली में रात से बारिश जारी है, लेकिन कहीं किसी नुकसान की खबर नहीं है। बारिश के चलते केदारनाथ यात्रा दूसरे दिन भी बंद रही । रुद्रप्रयाग में रात भर बारिश होने के बाद बुधवार की सुबह बादल छाए रहे।
यमुनोत्री राजमार्ग राडीटाप के पास बंद था। जिसे छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया। वहीं कुमाऊं क्षेत्र के कई इलाकों में भी मूसलाधार बारिश जारी है। हल्द्वानी के काठगोदाम में ब्युराखाम गांव में पांच घरों पर पहाड़ से मलबा आ गिरा।
बारिश ने खत शैली के गांव में भारी तबाही मचाई
वहीं चकराता के विकासनगर में तेज बारिश ने खत शैली के गांव में भारी तबाही मचाई। बारिश से क्यारियां तहस-नहस हो गई। पेयजल लाइनें और सिंचाई नहरों को भी काफी नुकसान पहुंचा है। पुरोड़ी-हयो-टगरी-मटियावा मोटर मार्ग को भी खासा नुकसान पहुंचा है। कई जगहों पर स्क्रबर क्षतिग्रस्त हो गए। जगह-जगह मलबा आने से सड़क भी बंद हो गई है। उक्त सड़क से खत शैली के कई गांव जुड़े हैं।
मंगलवार सुबह तीन-चार बजे के बीच क्षेत्र में तेज बारिश हुई। इससे गाड़-गदेरे उफान पर आ गए। कुनावा गाड़ के उफान पर आने से गांव में 30 परिवारों की 100 क्यारियां तेज बहाव में बह गई। इन क्यारियों में आलू, धान, मिर्च और टमाटर की खेती की गई थी। मलबा हरिजन बस्ती निवासी मंसू के घर में घुस गया। पीड़ित परिवार समेत डांडा छानी में शरण ली हुई है।
इसके साथ ही भदरू और लिखतालू आदि के घरों को भी खतरा पैदा हो गया है। युद्धवीर की छानी में भी मलबा घुस गया। पानी के तेज बहाव की चपेट में आकर पेयजल लाइनें भी क्षतिग्रस्त हो गई। ऐसे में लोगों को एक किमी दूर प्राकृतिक जलस्रोत से पानी ढोना पड़ रहा है। गाड़ पर आवाजाही के लिए बनी पुलिया भी क्षतिग्रस्त हो गई।
आम रास्तों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। जय महासू विकास समिति खत शैली के अध्यक्ष मायाराम तोमर ने शासन-प्रशासन से क्षति का आंकलन कर शीघ्र मुआवजे की मांग की हैं। इसके साथ ही शिबऊ, हयो, टगरी, मटियावा, दोहा, घिंगऊ, कैतरी आदि गांव में भी भारी बारिश से पेयजल, सिंचाई और खेतों को भारी नुकसान पहुंचा है। तहसीलदार केएस नेगी ने बताया कि राजस्व उपनिरीक्षक से क्षति की रिपोर्ट मांगी गई है।