तीसरे दिन शुरू हुई केदारनाथ यात्रा, पहाड़ों पर बारिश
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केदारघाटी में रुक-रुक हो रही बारिश के बीच दो दिनों से बंद बाबा केदार की पैदल यात्रा शनिवार को शुरू हो गई। शनिवार सुबह 10 बजे सोनप्रयाग से 109 यात्री जबकि गौरीकुंड से 26 यात्री केदारधाम के लिए पैदल मार्ग से रवाना हो गए।
इससे पहले सोनप्रयाग में रुके 250 यात्रियों में से 59 यात्री शनिवार को ही केदार बाबा की यात्रा छोड़कर अपने घरों के लिए लौट गए। दूसरी तरफ केदारनाथ से पैदल रास्ते से वापस आने वाले 18 यात्रियों को एसडीआरएफ के जवानों की मदद से गौरीकुंड पहुंचाया गया। वर्तमान में गौरीकुंड में 40 और सोनप्रयाग में दो सौ यात्री मौजूद हैं।
वहीं, बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा बारिश के बीच ही संचालित हुई। इससे पहले शुक्रवार को बदरीनाथ धाम में 451 तीर्थयात्रियों ने मत्था टेका, जबकि 546 तीर्थयात्री अपने घरों को रवाना हुए।
उधर, हेमकुंड साहिब के लिए शुक्रवार सुबह छह बजे गोविंदघाट से 322 तीर्थयात्री घांघरिया पहुंचे। जबकि हेमकुंड में पवित्र सरोवर में स्नान कर 233 तीर्थयात्री अपने घरों को लौट गए।
गांव का जोगी जोगड़ा दूसरे गांव का सिद्ध।
शनिवार को पहाड़ों पर सुबह से ही रुक-रुककर बारिश जारी है। इससे पहले शुक्रवार को भी पूरे दिन बारिश जारी रही जिसके चलते केदारनाथ यात्रा शुरू नहीं हो पाई थी। हालांकि बारिश के बीच ही बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब की यात्रा चलती रही।
उधर, कुमाऊं में ताड़ीखेत ब्लॉक के सुदूरवर्ती मुसोली बगवान, मटेला बगवान और हल्द्यानी गांव में बादल फटने से तबाही मच गई।
मौसम विभाग के निदेशक आनंद शर्मा ने बताया कि पर्वतीय जिलों में तेज बारिश हो सकती है। उनके मुताबिक, शनिवार को भी शहर में गर्ज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। बताया गया कि उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, नैनीताल और अल्मोड़ा में तेज बारिश की संभावना है।