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केदारनाथ पुनर्निर्माण में पंडो-पुरोहितों की चलेगी

Thu, 02 Oct 2014 10:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 02 Oct 2014 10:23 AM IST
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kedarnath reconstruction plan.

केदारघाटी को 2016 तक बसाने के लिए सरकार जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (जीएसआई) की रिपोर्ट दरकिनार या खारिज तो नहीं कर रही है लेकिन दबाव में उलझी सरकार ने पंडा-पुरोहितों और स्थानीय दुकानदारों को उनकी पुरानी जगह पर बसाने का खाका खींचा है।

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सीएम ने बुधवार को मीडिया को स्पष्ट किया कि मंदिर के आसपास करीब पांच सौ ऐसे लोग हैं जिनकी या तो वहां निजी जमीन है या फिर लंबे समय से काबिज थे। सरकार रिपोर्ट के मुताबिक मंदिर के पीछे, ऊपर और सामने छोड़कर उन्हें मंदिर के नीचे निचले हिस्से में बसाएगी। सीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि कुल उपलब्ध जमीन को दावेदारों की सहमति से आवंटित किया जाएगा।
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सीएम यह स्पष्ट नहीं कर पाए कि सर्वे रिपोर्ट में मंदिर से जितनी दूरी बताई गई है उसके बाहर ही आबादी बसाई जाएगी। उनका कहना है कि पुरातत्व विभाग ने सरकार को अपनी डिजाइन पर निर्माण कार्य कराने की अनुमति दी है।

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एक हजार लोगों को बसाया जाएगा

kedarnath reconstruction plan.

सरकार मंदिर के निचले स्थान पर जहां पहले से लोगों के कब्जे थे वहां लोगों की निजी जमीन और कब्जेदारों की मांग के अनुरूप उनकी सहमति से फैसला लेगी। जिन लोगों की अधिक जमीन थी और वहां उनकी गुंजाइश नहीं होगी तो नदी के पार उन्हें अतिरिक्त जमीन दी जाएगी। उनका कहना है कि जीएसआई की रिपोर्ट को न्यूनतम रखा जाएगा। निर्माण सामग्री का इस्तेमाल रिपोर्ट के मुताबिक हल्के से हल्का होगा।

मुख्य सचिव सुभाष कुमार ने बताया कि केदारपुरी और नजदीक के स्थानों पर लगभग एक हजार लोगों को बसाया जाएगा। कैबिनेट के निर्णय को स्पष्ट करते हुए मुख्य सचिव नेे बताया कि केदारपुरी में आपदा से प्रभावित पांच सौ परिवारों को बसाया जाएगा। जबकि शेष पांच सौ परिवारों को केदारपुरी के नजदीक के स्थानों पर बसाया जाएगा।

उन्होंने बताया केदारनाथ मंदिर के दोनों तरफ 25-25 मीटर और मंदिर के आगे लगभग सौ मीटर की लंबाई में भूखंड को मंदिर के प्लेटफार्म के लिए खाली छोड़ा जाएगा। साथ ही वैली ब्रिज से लेकर प्लेटफार्म तक लगभग 2 मीटर चौड़ा रास्ता छोड़ा जाएगा ताकि मंदिर स्पष्ट दिखे।

उन्होंने कहा कि केदारपुरी, रामबाड़ा, गरुड़चट्टी, भीमबली, गौरीकुं ड सहित विभिन्न यात्रा पड़ाव पर जिनके मकान, दुकान क्षतिग्रस्त हुए, उनको बसाए जाने की व्यवस्था की जाएगी।

सिंगल लाइन अथॉर्टी के जिम्मे होगें काम

kedarnath reconstruction plan.

सीएम ने जानकारी दी कि सोनप्रयाग से लेकर केदारधाम तक जो भी काम किए जाने हैं उसके लिए सिंगल लाइन अथॉर्टी बनाई जाएगी। अर्थार्टी इस दौरान कैबिनेट के सभी फैसलों को अमल कराएगी। उन्होंने कहा कि पुनर्वास विवाद के लिए पूर्व में ही एडीएम को एडिशनल सेटेलमेंट कमिश्नर बनाया गया है।

केदारघाटी बसेगी तब जाएंगे बंगले में
सीएम ने इस बात का भी खुलासा किया कि 2016 तक जब केदारघाटी के लोगों को बसाने का काम पूरा हो जाएगा। तभी वह कैंट रोड स्थित मुख्यमंत्री के सरकारी आवास में जाएंगे।

सुरक्षा दीवार के लिए अंतरराष्ट्रीय परामर्श
सीएम ने बताया कि मंदिर परिसर और आसपास के इलाके के लिए तीन स्तरीय सुरक्षा दीवार तो बना ली गई है लेकिन भविष्य के खतरे से निपटने के लिए सरकार अंतरराष्ट्रीय परामर्शदात्री कंपनी की मदद लेंगे।

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