केदारनाथ आपदा में खोया, 21 महीने भटकता रहा
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जून 2013 में केदारघाटी की आपदा के दौरान लापता सिमखोली (चमोली) का एक व्यक्ति रुद्रप्रयाग में मिला है। मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के चलते परिजन उसे राजकीय मेडिकल कालेज श्रीनगर लेकर पहुंचे।
सिमखोली गांव का पुष्कर सिंह (46) मुंबई की दवा कंपनी के लिए मजदूर सप्लाई करने का काम करता था। काम खत्म होने पर वह जून 2013 में घर लौटा।
14 जून को पुष्कर छोटे भाई धर्म सिंह के पास अगस्त्यमुनि आया। उसी दिन शाम को वह तिलवाड़ा में अपने एक रिश्तेदार के लॉज में चला गया। इस बीच 16/17 जून को केदारघाटी में जलप्रलय की स्थिति पैदा हो गई।
21 जून को रिश्तेदार ने धर्म सिंह को बताया कि पुष्कर 15 जून को बाइक से गौरीकुंड के लिए निकला था। तबसे उसका पता नहीं है। 23 जून को धर्म सिंह ने पुष्कर की गुमशुदगी दर्ज करा दी।
रात में चिल्ला उठता है पुष्कर
पुष्कर का पता नहीं चलने पर सरकारी प्रक्रिया के तहत उसे मृत मानते हुए उसके परिवार को आर्थिक मदद भी दे गई। अब 21 मार्च को पुष्कर के ममेरे भाई संतोष कुंवर ने उसे रुद्रप्रयाग बाईपास पुल के समीप विक्षिप्त हालात में घूमते हुए पाया।
यहां से पुष्कर के परिजन उसे अपने गांव ले गए। पुष्कर की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है जिसके चलते परिजन सोमवार को उसे मेडिकल कॉलेज में ले गए।
छोटे भाई धर्म सिंह ने बताया कि पुष्कर कांप रहा है और रात में चिल्ला रहा है। उसे कुछ भी याद नहीं है।
मनोचिकित्सकों का मानना है कि पुष्कर को ठीक होने में दो-तीन साल का भी वक्त लग सकता है। उसके पांव में काफी पुराना फ्रैक्चर है।