मिला ऐसा मुआवजा कि आपदा पीड़ित ने लगा ली फांसी
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उत्तरकाशी स्थित जल विद्युत निगम कॉलोनी में रह रहे आपदा पीड़ित शख्स ने तंगहाली से परेशान होकर मंगलवार की शाम खुद को फांसी लगा ली।
बताया गया कि जून 2013 की आपदा में मकान बह गया था। कर्ज पर खरीदा वाहन किस्तें न चुका पाने की वजह से फाइनेंसर उठा ले गया था। जो मुआवजा मिला वह पर्याप्त नहीं था।
समझा जाता है कि हताशा में उसने खुदकुशी का कदम उठाया है। फिलहाल उत्तरकाशी कोतवाली के थानाध्यक्ष जेपी कुकरेती ने इस तरह की किसी घटना की जानकारी से इंकार किया है।
कुरोली गांव निवासी चतर सिंह पंवार (44) पुत्र शंकर सिंह ने कुछ वर्ष पहले गांव का मकान और जमीन बेच कर जोशियाड़ा में झूला पुल के पास तीन मंजिला मकान तैयार कराया था।
जून 2013 की बाढ़ में बह गया था मकान
मकान में उसे दुकान से करीब पांच हजार रुपए किराया मिल जाता था। साथ ही ऋण लेकर खरीदी गई यूटिलिटी चलाकर वह परिवार का पेट पालता था। जून 2013 की बाढ़ में मकान बह गया।
सरकार की ओर से उसे दो लाख रुपए मुआवजा मिला। मशक्कत के बाद उसे सिर छिपाने के लिए जोशियाड़ा कॉलोनी का एक जर्जर आवास मिला था।
तीन माह पहले समय पर किस्तें न चुका पाने से फाइनेंसर उसकी यूटिलिटी उठा ले गया। तब से वह दूसरे की टैक्सी चलाकर परिवार का पेट पाल रहा था। आशियाना और आजीविका का साधन छिनने से उसकी माली हालत बेहद कमजोर हो गई थी।
इसी से तंग आकर उसने मंगलवार शाम साढ़े चार बजे जोशियाड़ा कॉलोनी स्थित आवास में पंखे से फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। उसके परिवार में पत्नी तथा दो बेटे एवं दो बेटियां हैं। चारों बच्चे नाबालिग हैं।