24 अप्रैल को खुलेंगे बाबा केदारनाथ के कपाट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग भगवान केदारनाथ मंदिर के कपाट 24 अप्रैल को आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। कपाट खुलने की तिथि महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में पंचांग गणना के आधार पर निकाली गई।
मंगलवार को प्रात: 9 बजे से ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में रावल भीमाशंकर लिंग की उपस्थिति में आचार्य विश्वमोहन जमलोकी, यशोधर मैठाणी, स्वयंवर सेमवाल एवं ओंकार शुक्ला द्वारा पंचांग पूजा शुरू की गई। 10 बजे गणना के आधार पर कपाट खुलने की तिथि निश्चित की गई।
पंचांग गणना के अनुसार 19 अप्रैल को भगवान केदारनाथ के अग्रणीय भैरवनाथ जी की पूजा संपन्न होगी जबकि 20 अप्रैल को भगवान केदारनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली अपने गद्दी स्थल से प्रस्थान करेगी और रात्रि प्रवास के लिए गुप्तकाशी पहुंचेगी।
21 अप्रैल को डोली दूसरे पड़ाव फाटा, 22 को गौरीकुंड और 23 अप्रैल को केदारनाथ पहुंचेगी। 24 अप्रैल को वैदिक पूजा-अर्चना, मंत्रोच्चार के साथ प्रात: 8.50 मिनट पर मिथुन लग्न में भगवान केदारनाथ के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।
पुजारियों को दी गई जिम्मेदारी
इस बार कपाट खुलने के छह माह तक भगवान केदारनाथ की पूजा के लिए राजशेखर लिंग को मुख्य पुजारी की जिम्मेदारी दी गई है। द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर की पूजा के लिए बागेश लिंग और ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में पूजा शिवशंकर लिंग करेंगे।
विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी में पूजा की जिम्मेदारी शशिधर लिंग को सौंपी गई है। टी गंगाधर लिंग अतिरिक्त पुजारी के रूप में रहेंगे।
यात्रा की सकुलता के लिए यज्ञ किया
केदारनाथ की यात्रा के सकुशल निर्विघ्नता के लिए ओंकारेश्वर मंदिर परिसर में आचार्य हर्ष जमलोकी की अगुवाई में यज्ञ संपन्न किया गया। इस मौके पर विश्व शाति के लिए हवन कुंड में आहुतियां दी गई।