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Kedarnath Assembly By Election: आशा नौटियाल को पहली बार पड़े सबसे ज्यादा वोट, अब तक की दूसरी सबसे बड़ी जीत

Sun, 24 Nov 2024 03:25 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Sun, 24 Nov 2024 03:25 PM IST
सार

इस बार उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी आशा नौटियाल को 23,818 मत पड़े। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस प्रत्याशी मनोज रावत को 5,626 मतों के अंतर से पराजित किया।

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Kedarnath By Election 2024 Result bjp Asha Nautiyal got most votes for first time in Vidhan Sabha
आशा नौटियाल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

केदारनाथ विधानसभा के चुनावी इतिहास में भाजपा प्रत्याशी आशा नौटियाल पहली ऐसे उम्मीदवार बनीं है, जिन्हें सबसे अधिक मत मिले हैं। तीसरी बार विधायक चुनीं गई आशा ने अब तक की दूसरी बड़ी जीत भी हासिल की है। केदारनाथ विस में छह चुनावों में पांच बार मतदाताओं ने महिला प्रत्याशी पर भरोसा जताया है।

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वर्ष 2000 में उत्तराखंड के गठन के बाद केदारनाथ विस क्षेत्र में हुए अब तक छह विधानसभा चुनावों में से पांच में महिला प्रत्याशी ने जीत दर्ज की है। इस बार उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी आशा नौटियाल को 23,818 मत पड़े। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस प्रत्याशी मनोज रावत को 5,626 मतों के अंतर से पराजित किया।
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इस सीट पर उनकी दूसरी सबसे बड़ी जीत है। इससे पहले वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी शैलारानी रावत ने रिकार्ड 7,544 मतों से जीत हासिल की थी। 2002 में हुए राज्य के पहले विस चुनाव में भाजपा ने आशा नौटियाल को कांग्रेस की शैला रानी रावत के खिलाफ टिकट दिया था।
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इस चुनाव में नौटियाल ने शैलारानी रावत को 3,465 मतों के अंतर से हराया था। नौटियाल को 13,080 मत मिले थे, जबकि रावत को 9,615 मत। इसके बाद वर्ष 2007 के विस चुनाव में भाजपा ने आशा नौटियाल पर भरोसा जताया था, जबकि कांग्रेस ने इस क्षेत्र से दिग्गज कुंवर सिंह नेगी को मैदान में उतारा था।

नौटियाल ने इस चुनाव में नेगी को 2,979 मतों से हराकर लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की। आशा नौटियाल की जीत का सिलसिला 2012 के विस चुनाव में टूसा गया, जब शैला रानी रावत ने कांग्रेस के टिकट पर जीत दर्ज की। उन्हें 19,960 वोट मिले, जबकि नौटियाल को 17,632 वोट मिले।

शैलारानी रावत कांग्रेस के उन 11 विधायकों में से एक थीं, जिन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत के खिलाफ विस में बगावत कर पार्टी बदल ली थी। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के वादे के मुताबिक, 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने शैलारानी रावत को टिकट दिया। आशा नौटियाल ने बगावत कर निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा।

उधर, कांग्रेस ने मनोज रावत को टिकट दिया, जिसमें मनोज रावत ने निर्दलीय कुलदीप रावत को 869 मतों से हराया। आशा नौटियाल तीसरे स्थान पर और भाजपा प्रत्याशी शैला रानी रावत चौथे स्थान पर रहीं थीं। 2022 के विस चुनाव से पहले आशा नौटियाल पार्टी टिकट की उम्मीद में भाजपा में लौट आईं।

हालांकि, पार्टी ने फिर से शैलारानी को इस सीट से मैदान में उतारा। कांग्रेस ने मनोज रावत को मैदान में उतारा, जबकि कुलदीप रावत ने फिर से निर्दलीय चुनाव लड़ा। शैलारानी ने इस सीट से 7,544 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। मनोज रावत को 12,557 वोट मिले और वे तीसरे स्थान पर रहे। अब उपचुनाव में आशा नौटियाल ने 5626 वोटों से दूसरी सबसे बड़ी जीत दर्ज की।

केदारनाथ सीट पर जीत का अंतर
वर्ष पार्टी               मिले मत                        जीत का अंतर
2002 भाजपा         13,080                         3,465
2007 भाजपा    16,971                         2,979
2012 कांग्रेस            19,960                         2,328
2017 कांग्रेस            13,906                         869
2022 भाजपा            21,836                         7,544
2024 भाजपा            23,818                         5,626

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