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कैलास भूक्षेत्र की गुम विरासतें बनेंगी वर्ल्ड हेरिटेज
रजा शास्त्री/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 24 Jan 2017 11:22 AM IST
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कैलास मानसरोवर यात्रा
- फोटो : file photo
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कैलास-मानसरोवर के साथ इस पवित्र भूक्षेत्र की बिसरी प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासतें एक बार फिर दुनिया के सामने आएंगी।
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ऐसी विरासतों को चिह्नित करके वर्ल्ड हेरिटेज सीरियल में शामिल किया जा रहा है। भारत ने इस मामले में भी चीन और नेपाल से पहले बाजी मार ली है। चीन और नेपाल अभी तक अपनी सीमा के अंदर कैलास लैंडस्केप शृंखला की विरासतों को चिह्नित नहीं कर पाए हैं।
कैलास भूक्षेत्र के जिन स्थलों को वर्ल्ड हेरिटेज शृंखला में शामिल करने के लिए चिह्नित किया गया है, उनमें छिपला केदार, हाट कालिका, पाताल भुवनेश्वर, थल केदार, पंचचूली, छोटा कैलाश आदि शामिल हैं। इसके अलावा विशेषज्ञों की टीमें इन क्षेत्रों में भी जाएंगी। बहुत से पौराणिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक महत्व के ऐसे स्थल, जिन्हें लोग भूल गए हैं या फिर उपेक्षित हैं, उन्हें विश्व के समक्ष विरासतों की मुख्यधारा में लाया जाएगा। टीमें इनके प्राचीनकाल की मान्यताओं और इतिहास को भी दुनिया के समक्ष लाएंगी।
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कैलास पवित्र भूक्षेत्र के ट्रांस-बाउंड्री का मामला होने की वजह से भारत के अलावा चीन और नेपाल को भी वर्ल्ड हेरिटेज शृंखला पर काम करना है। भूक्षेत्र की महत्वपूर्ण विरासतें भारतीय सीमा में हैं और भारत ने सबसे पहले इन्हें चिह्नित करने का कार्य शुरू किया है।
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वर्ल्ड हेरिटेज शृंखला को विश्व पटल पर लाने का मुख्य उद्देश्य यह है कि कैलास-मानसरोवर आने वाले श्रद्धालु और सैलानी इन स्थानों को भी देखें, जिनसे मानव सभ्यता का सामाजिक और सांस्कृतिक इतिहास जुड़ा हुआ है। भारतीय वन्य जीव संस्थान (डब्ल्युआईआई) के डीन डा. जीएस रावत का कहना है कि इस संबंध में अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों से भी बात की गई है। अंतरराष्ट्रीय संस्था ईसी मोड भी इस दिशा में मंथन कर रही है।
प्राकृतिक विरासतों पर कांफ्रेंस 7 फरवरी से
भारतीय वन्य जीव संस्थान स्थित यूनेस्को केटेगरी-2 सेंटर फॉर वर्ल्ड हेरिटेज मैनेजमेंट में ‘प्राकृतिक विश्व धरोहर: साहित्य कला और संस्कृति में’ विषय पर दो दिवसीय कांफ्रेंस का आयोजन 7 फरवरी से किया जा रहा है। संस्थान के निदेशक डा. वीबी माथुर ने बताया कि कांफ्रेंस में जाने-माने विशेषज्ञ प्राकृतिक, सांस्कृतिक विश्व धरोहरों से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करेंगे।