कैलास यात्रा से लौटे जत्थे की कहानी उन्हीं की जुबानी
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कैलास मानसरोवर के दर्शन कर पहला यात्री दल गुरुवार को कुछ देर काठगोदाम हल्द्वानी में कुमाऊं मंडल विकास निगम के गेस्ट हाउस में रुकने के बाद दिल्ली लौट गया है।
पहले दल के सदस्यों को कुमाऊं के शुभ अवसरों के प्रतीक अल्पना (ऐपण), कैलास मानसरोवर का चित्र और यात्रा पूरी करने का प्रमाण पत्र दिया गया।
केएमवीएन की ओर से महाप्रबंधक विनोद गिरि गोस्वामी, क्षेत्रीय प्रबंधक डीके शर्मा और प्रबंधक रमेश चंद्र पांडे ने प्रतीक चिन्ह भेंट किए। कैलास यात्रियों ने भी केएमवीएन और आईटीबीपी के कार्यों की सराहना की।
टीम भावना से किया काम
दल के जनसंपर्क अधिकारी वीरव्रत नेगी ने बताया कि सभी सदस्यों ने टीम भावना से काम किया। वित्त, भोजन, पेयजल समेत तमाम कमेटियां बनाई गई थीं। सभी ने बराबर सहयोग किया।
उन्होंने बताया कि इस दल में 54 लोग थे। पहले 56 लोग आए थे। एक यात्री का स्वास्थ्य अल्मोड़ा में ही खराब होने से उसे वापस भेज दिया गया था।
जबकि दूसरे यात्री ईश्वर सिंह को भी खराब स्वास्थ्य के चलते नाभिढांग से लौटा दिया गया था। हालांकि ईश्वर सिंह दो बार पहले भी यात्रा कर चुके हैं।
अलौकिक शक्तियां विराजमान हैं कैलास में
अनसुइया सुरेश पटेल, कर्नाटक की तेजश्री प्रभात, बंगलूरू के प्रभाकर का कहना था कि यात्रा कठिन थी लेकिन काफी रोचक रही।
यात्रा का वृत्तांत करना कतई संभव नहीं है। यह अलौकिक जगत है और यहां अलौकिक शक्तियां विराजमान हैं। उन्हें भगवान के साक्षात दर्शन हो गए, इसी से वह तृप्त हैं।
तीन लोगों की जान बचाई
प्रत्यक्षदर्शी यात्रियों के मुताबिक यात्री दल के सदस्य स्वामी चक्रपाणि ने तीन लोगों की जान बचाई। तीन यात्री घोड़े से नीचे गिर गए थे। नीचे को जबरदस्त घाटी थी।
इनके पीछे चल रहे चक्रपाणि ने अपने जान की परवाह किए बगैर बमुश्किल उन्हें नदी में गिरने से बचाया। उन्होंने बताया कि वह धर्म कमेटी की मांग को लेकर नौ जुलाई को प्रधानमंत्री से मुलाकात करेंगे ताकि किसी के साथ विषमता नहीं हो।
कामना ने दिलाया सबको हौसला
जयपुर की कामना (23) ने कहा कि मन में इच्छा थी कि एक बार कैलास जाऊं। 15 वर्ष पूर्व उनके पिता भी कैलास की यात्रा कर चुके हैं।
उसने बताया कि हम सभी ने हौसले के साथ मिलजुल कर काम किया। हौसले के बदौलत ही यात्रा पूरी हो पाई। चीन के व्यवहार के संबंध उन्होंने कहा कि वहां भी अच्छी व्यवस्थाएं थीं।
पौनी पोर्टर का व्यवहार भी बहुत अच्छा लगा। रहने, खाने की सुविधाओं का पूरा ख्याल रखा गया।